रांची: सीएमपीडीआइ ने वित्तीय वर्ष 2013-14 में ओवर ऑल ग्रोथ में 24 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है. कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2012-13 में 5.63 लाख मीटर ड्रिलिंग किया.
हाल में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में बढ़ कर यह सात लाख मीटर हो गया. वन व पर्यावरण क्लीयरेंस नहीं मिलने तथा विधि व्यवस्था संबंधी मुद्दों के कारण करीब दो लाख मीटर ड्रिलिंग नहीं हो सका. कंपनी के सीएमडी एके देबनाथ ने यह जानकारी गुरुवार को प्रेस को दी. उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से झारखंड में ही ड्रिलिंग का काम नहीं हो पाया है. कुल 21 ब्लॉक इससे प्रभावित हुए. इसमें 18 झारखंड के थे. शेष छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के थे. इससे कोल इंडिया का करीब 10 से 15 मिलियन टन कोयले का उत्पादन प्रभावित होने की उम्मीद है.
27 प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार
सीएमडी ने बताया कि गुजरे हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी ने 27 प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की. इससे 81 मिलियन टन कोयला के भंडार में वृद्धि होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि कंपनी ने कोल ब्लॉक के ऑक्शन के लिए एक एसेसमेंट रिपोर्ट तैयार की है. इसे कोयला मंत्रलय को भेजा गया है.
कोल बेड मिथेन का टेंडर
सीएमडी ने बताया कि कोल इंडिया के कमांड एरिया में आनेवाले दो कोल ब्लॉक कैथा और थेसेरोगा (सी) से कोल बेड मिथेन (सीबीएम) निकालने के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिया गया है. इसके लिए डेवलपर का चयन किया जाना है. 17 अप्रैल तक इसके लिए आवेदन देने की अंतिम तिथि है. देश में भूमिगत गैस निकालने के लिए यह पहला टेंडर है.
परामर्शी से 23 करोड़ की आय
कंपनी को 2013-14 में बाहरी परामर्शी से 22 करोड़ रुपये कमाने का लक्ष्य दिया गया था. इसके मुकाबले कंपनी ने 23.25 करोड़ रुपये का कार्यादेश प्राप्त किया. इसमें 12.10 करोड़ रुपये का काम मिला.