दो लाख टन कोयले में आग लगने की संभावना

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केदला : सीसीएल हजारीबाग कोयला क्षेत्र की केदला उत्खनन परियोजना के कोल डंप में दो लाख टन कोयला जमा है. यह कोयला कोल डंप में दो साल से है. सीटीओ पेपर को लेकर कोयले का उठाव नहीं हो रहा है. समय रहते डंप में जमे कोयले का उठाव नहीं करने पर गर्मी के दिन में […]

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केदला : सीसीएल हजारीबाग कोयला क्षेत्र की केदला उत्खनन परियोजना के कोल डंप में दो लाख टन कोयला जमा है. यह कोयला कोल डंप में दो साल से है. सीटीओ पेपर को लेकर कोयले का उठाव नहीं हो रहा है. समय रहते डंप में जमे कोयले का उठाव नहीं करने पर गर्मी के दिन में कोयले में आग लगने की संभावना है.

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इससे सीसीएल को काफी नुकसान हो सकता है. प्रबंधन सूत्रों ने बताया कि ओपेन कास्ट प्रोजेक्ट की खदान से कोयला निकाला जाता है. ब्लास्टिंग के दौरान कोयले के टुकड़ों में आग लग जाती है. कोयला ट्रांसपोर्टिंग के दौरान आग लगा हुआ कोयला भी कोल स्टॉक में जाकर जमा हो जाता है. इससे धीरे-धीरे आग लग जाती है.

इस संबंध में परियोजना के पीओ राम विलास प्रजापति ने बताया कि कोल डंप में कोयला दो लाख टन जमा है. सीटीओ पेपर को लेकर कोयले का उठाव नहीं हुआ है. कोयला स्टॉक अधिक दिन होने पर आग लगने की संभावना बन जाती है. प्रबंधन कोयला उठाव के लिए सक्रिय कदम उठाने में लगा है.

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