27.4 C
Ranchi

BREAKING NEWS

Advertisement

…अब यहां नहीं सुनायी पड़ती गोलियों की तड़तड़ाहट

लोहरदगा: जिले का पेशरार प्रखंड आज उग्रवादियों के चंगुल से मुक्त हो गया है. पेशरार वही इलाका है जहां चार अक्तूबर 2000 को भाकपा माओवादी उग्रवादियों ने जिले के जाबांज पुलिस कप्तान अजय कुमार सिंह की हत्या कर दी थी. उग्रवादियों का खौफ इस कदर था कि उनकी हत्या के बाद लोग उनके शव को […]

लोहरदगा: जिले का पेशरार प्रखंड आज उग्रवादियों के चंगुल से मुक्त हो गया है. पेशरार वही इलाका है जहां चार अक्तूबर 2000 को भाकपा माओवादी उग्रवादियों ने जिले के जाबांज पुलिस कप्तान अजय कुमार सिंह की हत्या कर दी थी. उग्रवादियों का खौफ इस कदर था कि उनकी हत्या के बाद लोग उनके शव को लाने के लिए भी पेशरार जाने को तैयार नहीं थे.

लातेहार के रास्ते लोग पेशरार पहुंचे और एसपी के पार्थिव शरीर को लेकर पुलिस लाइन आये. हालांकि उनकी जिप्सी वहीं रह गयी जिसे बाद में उग्रवादियों ने आग के हवाले कर दिया था. एसपी की हत्या के बाद लोहरदगा जिला सुर्खियों में आया और उसके बाद उग्रवादियों का मनोबल इस कदर बढ़ा कि यहां के अधिकारी हों चाहे आम लोग सभी उनके भय से आक्रांत रहने लगे.

हत्याओं का जो दौर शुरू हुआ तो उसने कितने घरों के चिराग को बुझा दिया. कितनी औरतें विधवा हुईं तो कितने बच्चे अनाथ हो गये. उग्रवादियों का खौफ सर चढ़ कर बोल रहा था. विकास कार्य में उग्रवादियों के नाम पर लुट मची थी. लेवी देने की परंपरा शुरू हो चुकी थी और तमाम लोग उनकी मर्जी से ही काम करने लगे थे. लेकिन वक्त बदला और जिले में नये पुलिस कप्तान कार्तिक एस की पोस्टिंग हुई. उन्होंने जिले के उपायुक्त विनोद कुमार के साथ मिल कर पेशरार इलाके के दुख-दर्द को समझा और उग्रवादियों पर नकेल कसना शुरू किया. पुलिस की कड़ाई का परिणाम सामने आया और आतंक का पर्याय माने जाने वाला नकुल यादव और मदन यादव ने आत्मसमर्पण कर दिया. जिले में काफी संख्या में उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण कर अपनी जान बचायी और सरकार की समर्पण नीति का लाभ उठाया. पेशरार एक्शन प्लान से पेशरार इलाके में विकास की भी शुरुआत की गयी. खुद राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास पेशरार आये और यहां अंधेरे के आगोश में आजादी के बाद से अब तक रहनेवाले लोगों से वादा किया कि उन्हें बिजली मुहैया करायी जायेगी और पेशरार इलाके का विद्युतीकरण करने का कार्य पूरा हुआ.

मुख्य सचिव हो या फिर डीजीपी, सब ने पेशरार पहुंच कर वहां चल रहे विकास कार्यो का जायजा लिया. अधिकतर बैठक उपायुक्त विनोद कुमार के निर्देश पर पेशरार में होने लगी. कभी जहां पहुंचना दुरूह कार्य था उस इलाके में चौड़ी-चौड़ी सड़कों का निर्माण कार्य आरंभ हुआ. पेशरार इलाके में पुल-पुलियों का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है. पेशरार इलाके को प्रकृति ने बड़े ही मनोयोग से सजाया-संवारा है. यहां की कल-कल करती नदियां, ऊंचे-ऊंचे झरने लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है. पेशरार इलाके में विकास की गति तेज हुई है और इस इलाके को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है. पेशरार को प्रखंड का दर्जा मिल चुका है. पेशरार में ही प्रखंड कार्यालय का काम होने लगा है. पेशरार में पुलिस द्वारा ओपी की स्थापना कर दी गयी है. प्रखंड एवं अंचल कार्यालय तथा अधिकारी व कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण हो रहा है. सखी मंडल के माध्यम से महिलाओं का विकास भी हो रहा है. युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, उज्जवला योजना के तहत घर-घर गैस चूल्हा पहुंचाने का काम हो चुका है. निरक्षरों को साक्षर करने के लिए भी लोक शिक्षा केंद्र की स्थापना की गयी है.

अब विद्यालयों में नियमित रूप से शिक्षक पहुंचने लगे हैं. विकास के पथ पर पेशरार प्रखंड तेजी से आगे बढ़ रहा है. जरूरत है पेशरार प्रखंड के प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन स्थल के रूप में उभारने की. जिले के पुलिस कप्तान कार्तिक एस ने मॉनसून पेशरार के नाम से पेशरार प्रखंड क्षेत्र के मनोरम दृश्यों को पुस्तक के रूप में प्रकाशित करवाकर आम लोगों के बीच इसे रखा. लावापानी झरना, केकरांग झरना, जावाखाड़ का आकर्षक दृश्य, खेलाड़ी पहाड़, पाखर का मनोरम दृश्य, अरूहम नाला सहित अन्य आकर्षक दृश्य लोगों को काफी लुभाते हैं. लावापानी झरना को देखने बराबर लोगों का आना-जाना इस इलाके में हो रहा है. जरूरत है तो बस इन इलाकों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Advertisement

अन्य खबरें

ऐप पर पढें