हर मौसम में हमारी रक्षा करती है सेना, शौर्य पर सवाल उठाना उचित नहीं

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हर मौसम में हमारी रक्षा करती है सेना, शौर्य पर सवाल उठाना उचित नहीं

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प्रतिनिधि, विद्यासागर करमाटांड़ सरस्वती विद्या मंदिर में सोमवार को विजय दिवस धूमधाम से मनाया गया. मुख्य अतिथि व विद्यालय के पूर्व छात्र सह स्पेशल ब्रांच के एसआई विकास कुमार मंडल, विशिष्ट अतिथि विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चंदन मुखर्जी और प्रधानाचार्य कृष्णकांत दुबे ने माता सरस्वती और ओंकार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. प्रधानाचार्य ने अतिथियों को अंगवस्त्र और श्रीमद् भागवत गीता भेंटकर सम्मानित किया. कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों ने मुख्य वक्तव्य में भारतीय सैनिकों की वीरता को नमन करने और उनके नाम पर दीप जलाने का आह्वान किया. मुख्य अतिथि विकास कुमार मंडल ने कहा कि 16 दिसंबर का दिन भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को सलाम करने का दिन है. 1971 में इसी दिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान को हराकर बांग्लादेश को आजादी दिलाई थी. 13 दिन चले इस युद्ध में भारतीय सेना ने अद्वितीय साहस दिखाया. उन्होंने कहा कि सेना हमारी रक्षा हिमालय की तरह करती है और हर परिस्थिति में, चाहे बर्फीले पहाड़ हों या तपती गर्मी, हमारी सुरक्षा के लिए 365 दिन सीमा पर तैनात रहती है. हमें हमेशा अपनी सेना पर गर्व करना चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए. 16 दिसंबर को हर वर्ष विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को समर्पित है. मौके पर आचार्य गणेश कुमार सिंह, रमेश मंडल, अशोक मंडल, संतोष मंडल, संतोष सिंह, अशोक सिंह, अभिषेक कुमार, अनूप कुमार, कैलाश मंडल, लक्ष्मी दीदी, अपर्णा दीदी, ललिता दीदी आदि मौजूद थे. —————————————————– करमाटांड़ सरस्वती विद्या मंदिर में धूमधाम से मनाया विजय दिवस

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