झारखंड का सबसे पुराना सिंहभूम होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज नौ साल से बंद, नयी बिल्डिंग से जगी उम्मीदें

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साकची जुबली पार्क के पास तैयार की जा रही होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज की नयी बिल्डिंग

World Homeopathy Day 2025: पूर्वी सिंहभूम जिले में चल रहा होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज नौ साल से बंद है. छह माह में शुरू होने की उम्मीद है. टिस्को नयी बिल्डिंग तैयार कर रही है. सिंहभूम होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सह डायरेक्टर डॉ कुलवंत सिंह ने बताया कि बन रहे नये होमियोपैथी कॉलेज में 50 बेड का अस्पताल भी होगा. इसमें मरीजों का इलाज किया जाएगा.

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World Homeopathy Day 2025: जमशेदपुर-पूर्वी सिंहभूम जिले में झारखंड के सबसे पुराने सिंहभूम होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज की स्थापना 1953 में हुई थी. यह 2015 से बंद पड़ा है. उस दौरान जितने भी छात्र थे सभी को हाईकोर्ट के निर्देश पर जामताड़ा के मिहिजाम होमियोपैथी कॉलेज अस्पताल में हस्तांतरित कर दिया गया था. वहीं साकची स्थित कॉलेज व काशीडीह स्थित अस्पताल व गर्ल्स हॉस्टल को टिस्को द्वारा ले लिया गया है. उसकी जगह पर साकची जुबली पार्क के पास टिस्को के द्वारा नयी बिल्डिंग तैयार की जा रही है. उस बिल्डिंग में कॉलेज व अस्पताल दोनों एक जगह पर चलेगी. यह प्रक्रिया लगभग छह माह में पूरी हो जायेगी. उसके बाद इस कॉलेज का नये तरीके से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद शुरू करने की योजना है. पूरे जिले में इस समय लगभग 300 होमियोपैथी के डॉक्टर अलग-अलग जगहों पर मरीजों का इलाज कर रहे हैं. होमियोपैथी से लगभग सभी प्रकार की बीमारियों का इलाज होता है. जिसमें विशेष रूप से गठिया, पत्थरी, सांस से संबंधित बीमारी, लीवर, चर्मरोग, साइनस, स्त्री रोग शामिल है.

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50 बेड का होगा अस्पताल


सिंहभूम होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सह डायरेक्टर डॉ कुलवंत सिंह ने बताया कि बन रहे नये होमियोपैथी कॉलेज में 50 बेड का अस्पताल भी होगा. जिसमें मरीजों का इलाज किया जायेगा. इसके साथ ही अस्पताल में ओटी, वार्ड सहित अन्य सुविधा मौजूद रहेंगी. इसके साथ ही छात्रों को पढ़ाई करने के लिए क्लास रूम, लाइब्रेरी, कैंटीन सहित अन्य सुविधा उपलब्ध करायी जायेंगी. कॉलेज की बिल्डिंग बन जाने के बाद सेंट्रल काउंसिल ऑफ होमियोपैथी नयी दिल्ली (सीसीएच) जो इस समय नेशनल कमिशन फॉर होमियोपैथी (एनसीएच ) हो गयी है. उसमें आवेदन देकर कॉलेज चलाने की मान्यता ली जायेगी. इस कॉलेज को चलाने के लिए 20 सदस्यों की एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें अध्यक्ष ऋतुराज सिन्हा (जुस्को के एमडी ), सचिव रजनीश कुमार, प्राचार्य सह डायरेक्टर डॉ कुलवंत सिंह सहित अन्य लोगों को शामिल किया गया है.

एक छात्रा ने पीएमओ में की थी कॉलेज बंद होने की शिकायत



सिंहभूम होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मान्यता संसाधन की कमी बताते हुए सेंट्रल काउंसिल ऑफ होमियोपैथी द्वारा रद्द कर दी गयी थी. जिसकी शिकायत कॉलेज की एक छात्रा ने ईमेल के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय में की थी. पीएमओ से मामले की जांच करने के बाद झारखंड सीएमओ और वहां से फिर मुख्यमंत्री जनसंवाद में भेजा. जिसके बाद शिकायतकर्ता को रांची सूचना भवन बुलाकर पूछताछ भी की गयी थी.

हर समय दवा व बीमारी पर होता है रिसर्च



सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन होमियोपैथी जो केंद्र सरकार की योजना है. देश के लगभग हर राज्य में इसका ब्रांच है, जहां होमियोपैथी की दवा व बीमारी पर लगातार रिसर्च किया जाता है. उसके बाद ही कोई दवा बाजार में आती है.

जिले में कुल 25 होमियोपैथी डॉक्टर नियुक्त


जिला संयुक्त औषधालय पूर्वी सिंहभूम के डॉ एमके दीक्षित ने बताया कि जिले में कुल 25 होमियोपैथी के डॉक्टर कार्यरत हैं. उनके द्वारा 11 प्रखंडों के 25 आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बैठकर मरीजों का इलाज किया जाता है. उन सभी सेंटर में दवा व जांच नि:शुल्क उपलब्ध है.

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