कास के फूल खिले तो समझिए त्योहार करीब है, जमशेदपुर के ग्रामीण इलाकों में दिखा खूबसूरत नजारा
कास के फूल
शहर के बाहर कास के सफेद फूल खिल उठे हैं, जो शरद ऋतु और दुर्गापूजा के आने का संकेत दे रहे हैं. यह प्राकृतिक नज़ारा फोटोग्राफी के शौकीनों को भी आकर्षित कर रहा है.
जमशेदपुर: शहर की सीमा से बाहर निकलते ही इन दिनों एक खूबसूरत नजारा देखने को मिल रहा है. खेतों की मेड़ों, नदी के तटीय इलाकों और खाली जमीनों पर कास (कांस) के सफेद फूल पूरी तरह से खिल चुके हैं. हवा में झूमते ये सफेद फूल इस बात की गवाही दे रहे हैं कि सुहानी शरद ऋतु ने दस्तक दे दी है.
आपके शहर में
जैसे ही आप शहर से ग्रामीण इलाकों की ओर बढ़ेंगे, आपको खेतों और नदियों के किनारे सफेद चादर बिछी नजर आएगी. गांव-देहात के लोग कास के फूलों को मौसम बदलने का सबसे बड़ा कुदरती संकेत मानते हैं.
दुर्गापूजा और त्योहारों के आने का है शुभ संकेत
झारखंड, बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में कास के फूलों का खिलना सीधे तौर पर दुर्गापूजा के आने का अहसास कराता है. ग्रामीण संस्कृति में कास की इस सफेदी को उत्सव और उल्लास का प्रतीक माना गया है. गांव के बुढ़े-बुजुर्ग अक्सर यह कहते सुने जाते हैं कि खेतों में कास के लहराते ही समझ लेना चाहिए कि अब मां दुर्गा के आगमन और ढोल-ढाक की गूंज में ज्यादा समय नहीं बचा है.
कास के फूल सिर्फ एक वनस्पति नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण जनजीवन की सादगी और उमंग से गहरे जुड़े हैं. शहरों के शोर-शराबे से दूर, गांवों में लहराता कास का यह धवल रूप हर किसी को अपनी माटी की सोंधी खुशबू से जोड़ देता है.
फोटोग्राफी के शौकीनों को अपनी ओर खींच रहा
प्रकृति के इस रूप ने शहर के लोगों और फोटोग्राफी के शौकीनों को भी अपनी ओर खींचा है. इन दिनों शहर से निकलकर युवा और परिवार नदी किनारे और कास से पटे खेतों में खूबसूरत तस्वीरें खिंचवाने पहुंच रहे हैं. कास के फूलों से सजे ये मैदान यह संदेश दे रहे हैं कि प्रकृति शरद ऋतु और आगामी पर्व-त्योहारों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए