तेज बहाव में डूबे नहाने गये दो युवक, फिर मछुआरों ने किया ऐसा काम कि दंग रह गए सभी
दोनों युवक को नदी से बाहर निकाल ले जाते ग्रामीण.
गालूडीह बराज डैम में नहाने गए दो युवक तेज बहाव में डूबने लगे, दिगड़ी गांव के साहसी मछुआरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
गालूडीह : सुवर्णरेखा परियोजना के गालूडीह बराज डैम में पुराना राखा माइंस और स्वासपुर निवासी तीन युवक शुक्रवार शाम तीन बजे के बाद पहुंचे. इसमें दो युवक डैम के पास नदी में नहाने उतर गये. डैम में 18 में से दो गेट खुले थे. 16 गेट बंद थे. जहां दो गेट खुले थे वहां पानी का तेज बहाव था. नदी में उतरे दोनों युवक तेज बहाव में बह गये. नदी के अंदर जाने लगे. दोनों को डूबता देख तीसरा साथी शोर मचाने लगा.
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नदी में कूदे ग्रामीण, रस्सी के सहारे दोनों को निकाला बाहर
आस पास मछली पकड़ रहे दिगड़ी गांव के मछुआरे बिना देर किए जान जोखिम में डाल नदी में कूदे और रस्सी के सहारे दोनों युवकों की जान बचाकर बाहर निकाला. सूचना पाकर जादूगोड़ा पुलिस भी पहुंची. दोनों को साथ थाना ले गयी. एक युवक की पहचान अमित चौधरी के रूप में हुई, बाकी दो उसके साथी थे. तीनों जादूगोड़ा थाना क्षेत्र निवासी हैं. दोनों युवक डरे और सहमे थे. नदी से बाहर निकालने के बाद मछुआरों ने प्राथमिक उपचार भी किया और पेट से पानी भी निकाला. कुछ मछुआरे नाव लेकर नदी में उतर गये थे. इससे दोनों युवकों की जान बची.
लोगों की भीड़ जुटी, मछुआरों के साहस और बहादुरी को किया सलाम
घटना के वक्त बराज डैम में सैर करने वालों की भीड़ थी. अनेक मछुआरे भी नदी में मछली पकड़ रहे थे. दोनों युवकों को तेज बहाव में बहता देख लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो यहां आस पास भीड़ जुट गयी. मछुआरों के साहस को सभी सलाम किया. बिना को कोई लाइफ जैकेट के मछुआरे नदी में कूदे और रस्सी के सहारे दोनों युवक को बाहर निकाल जान बचायी. हालांकि मछुआरों ने इस दौरान काफी मशक्कत की तब जाकर दोनों युवकों की जान बची.

सूचना पर पहुंची पुलिस
जादूगोड़ा पुलिस सूचना पाकर पहुंची और जानकारी ली. फिर दोनों युवकों को थाना ले गयी. दोनों युवकों के जान बचाने में दिगड़ी गांव के मछुआरे हरी कैवर्त, लालटू कैवर्त, उपेन सिंह, समीर दत्त, मिथुन कैवर्त, प्रेम सोरेन, आकाश कैवर्त, रोहित सिंह समेत अन्य कई मछुआरों ने साहस का परिचय दिया. युवकों की जान बचायी. मछुआरों की सूझबूझ और साहस से दो जिंदगी बच गयी.
सुरक्षा कारणों से गेट नहीं खोलने की मांग
दिगड़ी के ग्राम प्रधान उपेन सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों सहायक अभियंता को आवेदन सौंप 14 से 18 नंबर तक गेट को नहीं खोलने की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा - इस ओर गांव के लोग नहाते हैं. पर्यटक भी इस ओर ही आते हैं और सीढ़ी से नीचे उतरते हैं. गेट खुला रहेगा तो तेज बहाव में कोई भी बह सकता है. इससे जान जा सकती है.
ग्रामीणों से नदी में नहीं नहाने की अपील
गालूडीह बराज डिवीजन के कार्यपालक अभियंता प्रीकेश होरे ने बताया - हादसे की जानकारी मिली है. मछुआरों ने युवकों की जान बचायी है. ग्रामीणों की मांग पर ध्यान दिया जायेगा. मुझे भी एक आवेदन ग्रामीण दें तो जल्द ही 13-14 से 18 नंबर तक गेट नहीं खोलने पर सुरक्षा कारणों को लेकर विचार करेंगे, ताकि कोई घटना ना घटे. लोगों से अपील है कि अभी डैम में 93 मीटर आरएल पानी स्टोर है. लगातार बारिश हो रही है. नदी में जल स्तर बढ़ने पर समय-समय पर सायरन बजाकर गेट खोले जाते हैं. नदी उफान पर है. ऐसे में कोई नदी में नहाने ना उतरे.
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