मिट्टी से बन रही आस्था की तस्वीर, गणेश और विश्वकर्मा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दे रहे शिल्पकार

Updated:
विज्ञापन

कारीगर रतन चित्रकार द्वारा गणेश प्रतिमा को अंतिम रूप देते

घाटशिला के दाहीगोड़ा में मूर्तिकार रतन चित्रकार गणेश और विश्वकर्मा पूजा के लिए मिट्टी की सुंदर प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं. जानें पूरी खबर.

विज्ञापन

घाटशिला: घाटशिला प्रखंड के दाहीगोड़ा स्थित संस्कृति संसद क्लब के पास इन दिनों देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के निर्माण का कार्य जोर-शोर से चल रहा है. यह स्थान फिलहाल गणेश पूजा और आगामी विश्वकर्मा पूजा को लेकर मूर्तिकारों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां मिट्टी को सिर्फ आकार नहीं दिया जाता, बल्कि उसमें आस्था और कला का अद्भुत संगम देखने को मिलता है.

आपके शहर में

विज्ञापन

30 साल पुराने कलाकार

करीब 52 वर्षीय शिल्पकार रतन चित्रकार अपने 30 वर्षों के अनुभव और हुनर से भगवान गणेश एवं विश्वकर्मा की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं. यहां भगवान गणेश की प्रतिमाएं एक हजार से पांच हजार रुपये तक और विश्वकर्मा भगवान की प्रतिमाएं एक हजार से दो हजार रुपये तक में तैयार की जा रही हैं. इसके बाद दुर्गा पूजा को लेकर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का निर्माण शुरू किया जाएगा. रतन चित्रकार ने बताया कि वे साल के छह महीने यहां और बाकी छह महीने कोलकाता में रहकर मूर्ति निर्माण का कार्य करते हैं. इसी काम से उनका और उनके परिवार का भरण-पोषण होता है.

पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मांग कम

हालांकि इस बार उन्हें श्रमिकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण वे अधिकतर काम अकेले ही कर रहे हैं. बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार प्रतिमाओं की मांग भी कुछ कम है, जिससे काम पर असर पड़ा है. इसके बावजूद वे पूरी लगन और श्रद्धा के साथ प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि दाहीगोड़ा का यह क्षेत्र हर साल पूजा के पहले जीवंत हो उठता है, जहां मिट्टी से देवी-देवताओं का सजीव रूप उभरता है और आस्था का माहौल बन जाता है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola