एमजीएम अस्पताल : नहीं सुधरी स्थिति, 262 बच्चों की छह माह में हो गयी मौत
Author Prabhat khabar digital desk
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जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला अभी थमा नहीं है. केंद्र से लेकर राज्य सरकार की ओर से एमजीएम में सुधार के कई प्रयास किये गये, पर स्थिति जस की तस बनी हुई है. अब ताजा आंकड़े भी चौंकानेवाले हैं. इस साल जनवरी से लेकर अप्रैल तक और फिर जून व […]
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जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला अभी थमा नहीं है. केंद्र से लेकर राज्य सरकार की ओर से एमजीएम में सुधार के कई प्रयास किये गये, पर स्थिति जस की तस बनी हुई है. अब ताजा आंकड़े भी चौंकानेवाले हैं. इस साल जनवरी से लेकर अप्रैल तक और फिर जून व अगस्त में एमजीएम में 262 बच्चों की मौत हुई है.
यानी छह माह में 262 बच्चे मर गये. छह माह के आंकड़े के अनुसार, इस वर्ष अब तक औसतन प्रत्येक माह 43 बच्चों की मौत हुई है. मई और जुलाई में कितने बच्चों की मौत हुई, इसका आंकड़ा अभी एमजीएम के पास भी नहीं है. इस साल अगस्त में सबसे अधिक 55 बच्चों की मौत हुई है. मार्च में 51 व अप्रैल में 45 बच्चों की मौत हुई है.
मरनेवाले सभी बच्चे शून्य से लेकर पांच साल तक की उम्र के हैं. पिछले साल मई से अगस्त माह के बीच 164 बच्चों की मौत हुई थी. यानी हर माह औसतन 41 बच्चे इलाज के क्रम में मर गये थे. पर इस साल यह आंकड़ा अधिक है.
एक वार्मर पर चार बच्चे
एमजीएम अस्पताल के एनआइसीयू में वर्तमान में 20 नवजात का इलाज किया जा रहा है. वार्ड में सिर्फ पांच वार्मर हैं. एक वार्मर पर चार बच्चों को रख कर इलाज किया जा रहा है. अस्पताल में डॉक्टरों के अनुसार जगह नहीं होने के कारण और वार्मर नहीं लगाया जा सकता है. इससे काफी परेशानी हो रही है.
संसाधन व कर्मचारियों की कमी है. अस्पताल में जितना संसाधन है, उसी से बच्चों को बचाने की कोशिश की जाती है. यहां अधिकतर गंभीर अवस्था में बच्चों को लाया जाता है.
डॉ अजय राज, एचओडी, पीडियाट्रिक विभाग
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