4 करोड़ की लागत, ढाई साल बाद भी अधूरा पुल; बरसात में बिरहोरों का शहर से कट जाता है संपर्क

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सदाबहिया-तलसवार पुल अधूरा

बड़कागांव प्रखंड में हहारों नदी पर बन रहा उच्चस्तरीय पुल निर्माण में ढाई साल की देरी हो चुकी है. अधूरे निर्माण कार्य से दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है, खासकर बरसात के दिनों में. लाखों रुपये की निर्माण सामग्री खुले में जंग खा रही है.

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बड़कागांव से संजय सागर की रिपोर्ट

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बड़कागांव: बड़कागांव प्रखंड के सदाबहिया स्थित हहारों नदी पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण ढाई साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है. पुल का शिलान्यास 11 मार्च 2024 को तत्कालीन विधायक अंबा प्रसाद ने किया था. निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बरसात के दिनों में हहारों नदी का जलस्तर बढ़ जाने से सदाबहिया के बिरहोर जनजाति समेत अन्य ग्रामीणों का बड़कागांव, हजारीबाग, तलसवार और रामगढ़ की ओर आवागमन प्रभावित हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि पुल बन जाने से क्षेत्र के लोगों को सालभर सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी.

पुल का निर्माण ग्रामीण विकास विभाग की ओर से कश्यप कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है. बताया गया कि पुल की प्राक्कलित राशि करीब चार करोड़ रुपये है. पुल के संवेदक अवधेश सिंह हैं, जबकि निर्माण कार्य की देखरेख अरविंद सिंह करते हैं.

आठ पाया बनने का दावा, स्थल पर चार अधूरे

निर्माण स्थल पर पहुंचने पर संवेदक अवधेश सिंह और अरविंद सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों मौके पर नहीं मिले. वहां कुछ मजदूर निर्माण सामग्री की देखरेख करते मिले. संवेदक से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

वहीं, संवेदक के सहयोगी अरविंद सिंह ने मोबाइल पर बताया कि नौ पाया वाला पुल बनाया जा रहा है, जिसमें आठ पाया का काम पूरा हो चुका है. हालांकि, निर्माण स्थल पर चार पाए अधूरे दिखाई दिए.

खुले में रखी छड़ें जंग खा रहीं

ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण स्थल के पास योजना से संबंधित बोर्ड भी नहीं लगाया गया है. इससे योजना की लागत, अवधि और अन्य जानकारी स्पष्ट नहीं हो पा रही है. वहीं, पुल के पाए बनाने के लिए रखी लाखों रुपये की छड़ें खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं और जंग खा रही हैं.

ग्रामीणों ने कश्यप कंस्ट्रक्शन को काली सूची में डालने और किसी दूसरे संवेदक को पुल निर्माण की जिम्मेदारी देने की मांग की है, ताकि लंबे समय से अधूरे पड़े पुल का निर्माण जल्द पूरा हो सके.

क्या कहते हैं विधायक

विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि झारखंड सरकार के अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही के कारण पुल का निर्माण समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है. उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने की जरूरत बतायी.

क्या कहती हैं मुखिया

तलसवार पंचायत की मुखिया गीता देवी ने कहा कि पुल का निर्माण कछुआ गति से हो रहा है. यदि समय पर पुल बन जाता, तो ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी नहीं होती. उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण स्थल पर योजना का बोर्ड नहीं लगाया गया है.


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