शिक्षक मिशन समझ कर विद्यार्थियों को दें शिक्षा

Published at :17 Sep 2017 12:08 PM (IST)
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शिक्षक मिशन समझ कर विद्यार्थियों को दें शिक्षा

हजारीबाग : विनोबाभावे विवि के 25 वर्ष पूरा होने पर शनिवार को सिलवर जुबली वर्ष का समापन समारोह मनाया गया. विवि के विवेकानंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड की राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू थीं. राज्यपाल ने दीप जला कर कार्यक्रम की शुरुआत की. वहीं विशिष्ट अतिथि मुख्य डाक महाध्यक्ष शशि […]

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हजारीबाग : विनोबाभावे विवि के 25 वर्ष पूरा होने पर शनिवार को सिलवर जुबली वर्ष का समापन समारोह मनाया गया. विवि के विवेकानंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड की राज्यपाल सह कुलाधिपति द्रौपदी मुर्मू थीं.
राज्यपाल ने दीप जला कर कार्यक्रम की शुरुआत की. वहीं विशिष्ट अतिथि मुख्य डाक महाध्यक्ष शशि शालिनी कुजूर थीं. अतिथियों का स्वागत पारपंरिक आदिवासी नृत्य व संगीत से किया गया. स्वागत भाषण प्रतिकुलपति प्रो कुनुल कंडीर ने किया. कार्यक्रम के मौके पर विभावि पर डाक टिकट भी जारी किया गया. वहीं कई पुस्तकों का लोकार्पण हुआ. यहां चार टॉपर भी सम्मानित हुए. राज्यपाल ने यहां गांधी, विनोबा जयप्रकाश नारायण चिंतन केंद्र का उदघाटन किया.
राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि शिक्षक लोगों को स्वच्छता, शिक्षा एवं पर्यावरण संबंधी जानकारी दें. विवि का परिसर काफी बड़ा है. इसमें अधिक पेड़-पौधे लगा कर हरा-भरा करें, ताकि यह ग्रीन विवि के नाम से देश में जाना जाये.
राज्यपाल ने कहा कि विभावि का 25वां वर्ष का उदघाटन मैंने ही किया था. आज इसका समापन भी मेरे हाथों हो रहा है. यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है.
विभावि के लिए आत्मावलोकन, आत्मनिरीक्षण एवं आत्मचिंतन करने की जरूरत है. जहां कमी है, उसे पूरा करें. यह विवि अन्य विवि से अग्रणी है. यहां नामांकन, परीक्षा परिणाम समय होता है. इसके लिए विवि की पूरी टीम को श्रेय जाता है. उन्होंने संत विनोबाभावे को भी नमन किया.
कुलपति ने कहा चिंतन व दर्शन जरूरी
कुलपति प्रो रमेश शरण ने कहा कि विवि के तीन मुख्य उद्देश्य- ज्ञान का प्रसार, ज्ञान का सृजन एवं चरित्र और कौशल निर्माण हैं. इसके साथ ही संस्कृति महत्वूपर्ण स्थान रखती है. विवि में चिंतन एवं दर्शन भी जरूरी है. इसी ख्याल से गांधी, विनोबा एवं जेपी केंद्र की स्थापना हुई. उन्होंने प्रथम कुलपति डॉ विनोदिनी तरवे को नमन कर कहा कि उन्होंने विवि को बच्चे के समान लालन पालन कर यहां तक पहुंचाया.
सीबीसीएस पाठयक्रम शुरू हुआ
प्रतिकुलपति डॉ कुनुल कंडीर ने कहा कि विवि की स्थापना 17 सितंबर 1992 को हुई थी. आज यहां 22 विभाग, कई व्यवसायिक पाठयक्रम एवं पर्याप्त भवन हैं. अभी भी लॉ कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज एवं मैदान के लिए निर्माण कार्य चल रहा है. सबसे पहले सीबीसीएस शुरू किया गया. इसमें आनेवाली खामियों को धीरे धीरे दूर किया जा रहा है. इन्होंने राज्यपाल से कहा कि यहां शिक्षकों का पद सृजन नहीं है. शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए भी बहुत सी समस्याएं हैं.
डाक टिकट जारी
रजत जयंती वर्ष समापन समारोह में विभावि के एम्ब्लम पर डाक टिकट पर जारी किया गया. इसका लोकार्पण राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू, डाक महाध्यक्ष शशि शालिनी कुजूर, कुलपति प्रो रमेश शरण, प्रति कुलपति डॉ कुनुल कंडीर, कुलसचिव डॉ बंशीधर रूखैयार ने संयुक्त रूप से किया.
पुस्तकों का विमोचन
रजत जयंती समारोह में स्मारिका का विमोचन किया गया. साथ ही डॉ राजेश कुमार का रिसर्च जर्नल, द लिटरेरी विजन, अंग्रेजी विभाग की पुस्तक, डॉ शंभुनाथ सिन्हा की दो पुस्तकों का भी विमोचन किया गया. सभी पुस्तकों का विमोचन राज्यपाल ने किया.
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