जिले की शैक्षणिक व्यवस्था में लापरवाही पर सख्ती, 1400 से अधिक मामलों में कार्रवाई के निर्देश
गुमला जिले में शैक्षणिक व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले 1400 से अधिक शिक्षकों और कर्मियों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. वेतन रोकने की तैयारी.
गुमला: गुमला जिले की शैक्षणिक व्यवस्था में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिले में सामने आये 1400 से अधिक मामलों में संबंधित शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं. गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन और जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी पत्र के बाद लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप है. संबंधितों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ वेतन अथवा मानदेय स्थगन सहित नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.
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ई-विद्यावाहिनी पर ऑनलाइन उपस्थिति में मिली बड़ी लापरवाही
प्रशासन की जांच में जिले के 16 विद्यालयों में जुलाई माह के दौरान एक दिन भी ई-विद्यावाहिनी पर विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने का मामला सामने आया है. वहीं, 73 शिक्षकों ने जुलाई में एक भी दिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की. 208 शिक्षकों ने विद्यालय आने के समय ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की, लेकिन विद्यालय छोड़ते समय आउट टाइम दर्ज नहीं किया. इसके अलावा 258 शिक्षकों द्वारा विद्यालय परिसर के बजाय अन्य स्थानों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज किये जाने की बात सामने आयी है.
824 विद्यालयों में छात्र प्रोफाइल अधूरा
जिले में संचालित 1784 विद्यालयों में से केवल 960 विद्यालयों में विद्यार्थियों का छात्र प्रोफाइल पूरी तरह अद्यतन पाया गया. इस तरह 824 विद्यालयों में छात्र प्रोफाइल अधूरा मिला. प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया है.
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114 में सिर्फ 76 माध्यमिक विद्यालयों ने कराया रेल टेस्ट
जिले के 114 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में से केवल 76 विद्यालयों ने रेल टेस्ट कराकर विद्यार्थियों का परिणाम ऑनलाइन किया. कुछ पीएमश्री विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय और प्रखंड आदर्श विद्यालय भी इस मामले में लापरवाही की श्रेणी में पाये गये. विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थिति, छात्र प्रोफाइल, रेल टेस्ट, विभाजित पाठ्यक्रम, मध्याह्न भोजन, अपार और आधार सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही को प्रशासन ने गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार माना है.
दो करोड़ से अधिक की असमायोजित राशि की होगी वसूली
वर्षों से दो करोड़ रुपए से अधिक की राशि का समायोजन नहीं होने का मामला भी सामने आया है. प्रशासन ने संबंधित राशि की वसूली के लिए प्रमाण-पत्र वाद दायर करने सहित कानूनी प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है. साथ ही विभिन्न शैक्षणिक सूचकांकों में पीछे चल रहे प्रखंडों को चिह्नित कर प्रदर्शन में सुधार लाने की चेतावनी दी गई है.
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एमआईएस प्रभारी को अनुपालन की जिम्मेदारी
झारखंड शिक्षा परियोजना, गुमला के एमआइएस प्रभारी को सभी निर्णयों के अनुपालन के लिए जिम्मेदार बनाया गया है. उन्हें संबंधित शिक्षकों और अन्य कर्मियों की सूची तैयार कर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. लापरवाही के लिए चिन्हित सभी शिक्षकों और कर्मियों से स्पष्टीकरण लेते हुए वेतन अथवा मानदेय स्थगन सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
अगली समीक्षा से 10 दिन पहले साझा होगी रिपोर्ट
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि उपायुक्त की अगली समीक्षा बैठक से कम से कम 10 दिन पहले समीक्षा से संबंधित रिपोर्ट सभी प्रखंडों के साथ साझा की जाए. इससे संबंधित पदाधिकारी समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कर सकेंगे. विद्यालयों में शिक्षण कार्य, ई-विद्यावाहिनी, यू-डायस, छात्र प्रोफाइल सहित अन्य शैक्षणिक कार्यों तथा संकुल एवं प्रखंड स्तर पर अनुश्रवण में लापरवाही मिलने पर सभी स्तरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. निर्देशों के अनुपालन के लिए संबंधित जिला एवं प्रखंड स्तरीय शिक्षा पदाधिकारियों के साथ जिला कोषागार पदाधिकारी को भी आदेश की प्रतिलिपि भेजी गई है.
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