दुकान बन गया है टाना भगत कॉलेज

Published at :14 Feb 2018 8:37 AM (IST)
विज्ञापन
दुकान बन गया है टाना भगत कॉलेज

अधिक शुल्क के विरोध में पढ़ाई छोड़ आंदोलन पर उतरे छात्र, कहा स्नातक के 600 छात्र प्राचार्य को हटाने की मांग पर अड़े. टाना भगत कॉलेज के छात्रों ने सौंपा ज्ञापन. प्रबंधन समिति को भंग करने की मांग. गुमला : घाघरा ब्लॉक के टाना भगत कॉलेज में नामांकन, परीक्षा फार्म भरने व रजिस्ट्रेशन में अवैध […]

विज्ञापन
अधिक शुल्क के विरोध में पढ़ाई छोड़ आंदोलन पर उतरे छात्र, कहा
स्नातक के 600 छात्र प्राचार्य को हटाने की मांग पर अड़े.
टाना भगत कॉलेज के छात्रों ने सौंपा ज्ञापन.
प्रबंधन समिति को भंग करने की मांग.
गुमला : घाघरा ब्लॉक के टाना भगत कॉलेज में नामांकन, परीक्षा फार्म भरने व रजिस्ट्रेशन में अवैध वसूली के विरोध में छात्र उग्र हो उठे हैं. तीन दिन से छात्र कॉलेज में तालाबंदी कर प्राचार्य को हटाने व प्रबंधन समिति को भंग करने की मांग पर अड़े हुए हैं. स्नातक पार्ट वन, टू व थ्री के करीब 600 छात्र आंदोलनरत हैं.
छात्रों ने कहा है कि जबतक हमारी मांग पूरी नहीं होती, हम इस सत्र में परीक्षा नहीं लिखेंगे. चाहे क्यों न एक साल बर्बाद हो जाये. अपनी मांगों को लेकर छात्रों का 14 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को गुमला पहुंचा. उपायुक्त के जनता दरबार में अपर समाहर्ता आलोक शिकारी कच्छप से मुलाकात की. छात्रों ने डीसी के नाम आवेदन उन्हें सौंपा. छात्रों ने कहा कि टाना भगत कॉलेज दुकान बन गया है और प्राचार्य व प्रबंधन समिति दुकान चला रहे हैं. जैसा छात्र, वैसा फीस वसूला जा रहा है. 4000 से 4500 रुपये फीस वसूला जाता है, लेकिन कॉलेज द्वारा मात्र एक से दो हजार रुपये की रसीद दी जाती है. छात्रों ने कहा कि डीसी साहब हमें पढ़ने के लिए पैसा दें. हम गरीब परिवार से आते हैं. पढ़ाई के लिए कहां से पैसा लायें. पढ़े या फिर मजदूरी करें.
न्याय नहीं मिला, तो सड़क पर उतरेंगे
छात्र अरविंद यादव, संगीता कुमारी, अंजली कुमारी, कौशल्या कुमारी, अनूप उरांव, धनियावती केरकेट्टा, पूनम कुमारी, पुनई उरांव, संध्या कुमारी, रेणु कुमारी, कैथरीना कुजूर, फंचन कुजूर व योगेंद्र मुंडा सहित कई छात्रों ने कहा कि अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो हम सड़क पर उतरेंगे.
छात्रों ने कॉलेज की कई अंदरूनी गड़बड़ियों काे भी उजागर किया है. इसमें कॉलेज के प्राचार्य व कुछ प्रोफेसर अपने नजदीकियों को कॉलेज में नौकरी दिला कर पैसा कमा रहे हैं, जबकि कई प्रोफेसर कॉलेज आते नहीं हैं, लेकिन हाजिरी बना कर पैसा ले रहे हैं. वहीं जो प्रोफेसर लगातर बच्चों को पढ़ा रहे हैं, उन्हें सस्पेंड करने की धमकी दी जाती है. वर्षों से छात्र कॉलेज की मनमानी झेलते आये हैं, लेकिन अब नहीं झेलेंगे. जबतक मांग पूरी नहीं होती, पढ़ाई-लिखाई छोड़ आंदोलन करेंगे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola