गर्लफ्रेंड के चक्कर में मुकेश बना उग्रवादी

Published at :22 Jul 2017 1:01 PM (IST)
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गर्लफ्रेंड के चक्कर में मुकेश बना उग्रवादी

गुमला: पालकोट व बसिया क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना पीएलएफआइ का एरिया कमांडर मुकेश चीक बड़ाइक 17 साल की उम्र में ही अपराध की दुनिया में शामिल हो गया था. हाल के दिनों में उसने कई घटनाओं को अंजाम देकर दहशत पैदा किया था. पुलिस ने चतुराई के साथ उसे धर दबोचा. मुकेश के […]

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गुमला: पालकोट व बसिया क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना पीएलएफआइ का एरिया कमांडर मुकेश चीक बड़ाइक 17 साल की उम्र में ही अपराध की दुनिया में शामिल हो गया था. हाल के दिनों में उसने कई घटनाओं को अंजाम देकर दहशत पैदा किया था. पुलिस ने चतुराई के साथ उसे धर दबोचा. मुकेश के आतंक को देखते हुए सरकार ने उसपर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. पालकोट व बसिया थाना क्षेत्र के गांवों में पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए पोस्टरबाजी भी की थी. मुकेश पढ़ाई और दौड़ में तेज था. हालांकि बचपन से मुकेश पुलिस में भरती होना चाहता था. इसकी तैयारी भी वह कर रहा था, लेकिन एक घटना ने उसका जीवन बदल दिया और वह उग्रवादी बन गया.
पिटाई का बदला लेना चाहता था
बताया जाता है कि शांति सेना के सदस्यों ने मुकेश की गर्लफ्रेंड के परिजनों की पिटाई की थी. इसके बाद मुकेश गुस्से में आ गया. शांति सेना के सदस्यों से बदला लेने के लिए वह शशिभूषण के सहयोग से पीएलएफआइ में शामिल हो गया. परिजनों ने उसे काफी समझाया, लेकिन वह नहीं माना और हथियार लेकर जंगल में रहने लगा. उग्रवादी बनने के बाद मुकेश कभी घर नहीं आया. मुकेश पांच भाई में तीसरे नंबर पर है. मुकेश के पिता का निधन हो गया है और मां गांव छोड़ कर कहीं चली गयी है. मुकेश की परवरिश उसकी दादी ने की थी. वह दिल्ली भी गया था, लेकिन बदले की भावना ने उसे दिल्ली से वापस बसिया ले लाया. संगठन में अपने दो वर्ष के दौरान मुकेश पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप, मिठू गोप, पारस व आकाश सिंह के साथ काम किया है. दिनेश गोप के साथ प्रशिक्षण कैंप में भी वह भाग ले चुका है. मुकेश के कामों को देखते हुए वर्ष 2017 के जनवरी माह में उसे पालकोट क्षेत्र का एरिया कमांडर बनाया गया. पैसे की कमी थी, इसलिए उसने विकास योजनाओं से लेवी वसूलना शुरू किया.
चार माह में पकड़े गये कई उग्रवादी
पुलिस को पीएलएफआइ के खिलाफ लगातार सफलता मिली है. बसिया, कामडारा, पालकोट व रायडीह इलाके से पुलिस कई बड़े नक्सलियों को पकड़ चुकी है. एक फरवरी 2017 को नागफेनी से पीएलएफआइ के दो हार्डकोर उग्रवादी चरकू पहान व सुरेश केरकेट्टा को गिरफ्तार किया. 17 मई को पीएलएफआइ के दो लाख के इनामी कुलदीप गोप एरिया कमांडर, ओलिप बागे हार्डकोर उग्रवादी, अतुल मड़की हार्डकोर उग्रवादी व दीपक कंडुलना हार्डकोर उग्रवादी को गिरफ्तार किया. साथ ही एक देसी राइफल, 315 बोर का एक राइफल, आठ गोली, चार खोखा, कंबल, चटाई, एक मोटर साइकिल, उग्रवादी परचा व एक मोबाइल सहित कई सामान बरामद किया था. 24 मई को पीएलएफआइ के सबजोनल कमांडर राजन उर्फ प्रकाश उरांव ने सरेंडर किया. उसके ऊपर दो लाख का इनाम था. 26 मई को पुलिस ने उसे मीडिया के सामने प्रस्तुत किया. नौ जून को पालकोट में ठेकेदार से लेवी वसूलने पहुंचे हार्डकोर उग्रवादी नारायण सिंह व गोपाल गोप को पुलिस ने पकड़ा. 10 जून को कामडारा में पुलिस ने गाब्रियल टोप्पो को पकड़ा. 11 जून को कामडारा प्रखंड के रामतोल्या पंचायत के उपमुखिया अमित गोप को पकड़ा. यह पीएलएफआइ के लिए काम करता था. 20 जून को रायडीह प्रखंड के डोबडोबी मोड़ से पुलिस ने दो सक्रिय सदस्य वृंदा गांव के संजय प्रधान व राजेश उरांव को गिरफ्तार किया. 27 जून को कामडारा पुलिस ने पीएलएफआइ समर्थक मनीष चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
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