15 साल से नहीं हुई जलमीनार की सफाई, गादयुक्त पानी पी रहे मोतिया के ग्रामीण!

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गोड्डा के मोतिया गांव का जलमीनार | Prabhat Khabar Network

गोड्डा के मोतिया गांव में पिछले 15 सालों से जलमीनार की सफाई नहीं हुई है, जिससे दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। ग्रामीणों ने खुले कुएं से आने वाले गंदे पानी और इससे फैल रही जलजनित बीमारियों के खतरे पर चिंता जताई है. मामले में सरकारी आदेशों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

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गोड्डा से निरभ किशोर की रिपोर्ट

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गोड्डा: गोड्डा जिले के विकसित गांवों में शुमार मोतिया में पिछले डेढ़ दशक से जलमीनार की समुचित सफाई नहीं होने और दूषित पानी की आपूर्ति किये जाने का मामला सामने आया है. ग्रामीण आयुष चौधरी की ओर से राज्य सरकार को भेजी गयी शिकायत और इसके बाद रांची से जारी सरकारी आदेशों के माध्यम से मामला सामने आया. शिकायत के बाद संबंधित विभागों को जलमीनार, पाइपलाइन और जलस्रोत की स्थिति की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

ग्रामीणों के अनुसार, मोतिया गांव में 1.25 लाख लीटर क्षमता वाली जलमीनार वर्ष 2008-09 में बनकर तैयार हुई थी. आरोप है कि निर्माण के बाद से वर्ष 2026 तक इसकी एक बार भी समुचित सफाई अथवा गाद निकालने का कार्य नहीं कराया गया. शिकायत में जलमीनार के अंदर करीब चार से छह फीट तक गाद जमा होने की बात कही गयी है. ग्रामीणों का दावा है कि इसी गादयुक्त पानी की आपूर्ति गांव में की जा रही है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है.

गोड्डा के मोतिया गांव का जलमीनार वाटर rererwaayr गंदा पानी के बीच मशीन | Prabhat Khabar Network
गोड्डा के मोतिया गांव का जलमीनार वाटर rererwaayr गंदा पानी के बीच मशीन | Prabhat Khabar Network

खुले कुएं से जलापूर्ति का आरोप

शिकायत में जलस्रोत को लेकर भी सवाल उठाये गये हैं. ग्रामीणों के अनुसार, जलमीनार के लिए जिस कुएं से पानी लिया जाता है, वह पूरी तरह खुला है और गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि खुले कुएं में अक्सर सांप, चूहे, मेंढक और पक्षी गिरकर मर जाते हैं. कुआं तालाब के समीप होने के कारण बारिश के दौरान तालाब का दूषित पानी भी कुएं में पहुंचने की बात कही गयी है.

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुएं के पानी को बिना समुचित फिल्टर या उपचार के जलमीनार तक पहुंचाया जाता है और वहां से घरों में इसकी आपूर्ति की जाती है.

गोड्डा के मोतिया गांव का जलमीनार वाटर rererwaayr गंदा पानी के बीच मशीन | Prabhat Khabar Network
गंदा पानी के बीच मशीन | Prabhat Khabar Network

मुख्य सचिव से शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

मामले को लेकर ग्रामीण आयुष चौधरी ने ई-मेल के माध्यम से तत्कालीन मुख्य सचिव अलका तिवारी को शिकायत भेजी थी. इसके बाद मामले में कार्रवाई के निर्देश दिये गये. बाद में नये मुख्य सचिव अविनाश कुमार के स्तर से भी मामले का संज्ञान लेते हुए जिला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, गोड्डा को कार्रवाई के निर्देश दिये जाने की बात कही गयी है.

विभाग की ओर से बताया गया है कि वर्ष 2008 की योजना के तहत जलमीनार के रखरखाव और साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर मुखिया को दी गयी है. इसके लिए गांव में एक समिति गठित किये जाने की भी जानकारी दी गयी है.

रांची से तीन बार जारी हुए आदेश

पहला आदेश : 2 फरवरी 2026 नगर विकास विभाग के उप सचिव अनवर हुसैन की ओर से जारी पत्रांक 323 में गोड्डा नगर परिषद के प्रशासक/कार्यपालक पदाधिकारी को जलमीनार एवं पाइपलाइन की जर्जर स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा विभाग को अवगत कराने का निर्देश दिया गया.

दूसरा आदेश : 23 मई 2026 राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन, रांची के मुख्य अभियंता-सह-कार्यकारी निदेशक कार्यालय की ओर से कार्यपालक अभियंता, गोड्डा को जलमीनार में चार-पांच फीट गाद जमा होने और खुले कुएं में जैविक कचरा होने संबंधी शिकायत की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया.

तीसरा आदेश : 6 अगस्त 2026 आयुष चौधरी की 6 जुलाई 2026 की नयी शिकायत के आधार पर एसडब्ल्यूएसएम रांची की ओर से पत्रांक 8/JJM (Complain)-417/2024-867/SWSM जारी किया गया. इसमें गोड्डा प्रमंडल को शिकायत में वर्णित तथ्यों के आलोक में नियमानुसार कार्रवाई कर कृत कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. पत्र की प्रतिलिपि अधीक्षण अभियंता, देवघर तथा मुख्य अभियंता, दुमका को भी भेजी गयी है.

ग्रामीणों ने उठाये स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए यदि बार-बार शिकायत और सरकारी आदेश के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो यह गंभीर विषय है. ग्रामीणों ने जलमीनार की तत्काल सफाई, गाद हटाने, जलस्रोत की जांच और पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है.

अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि रांची से जारी तीसरे आदेश के बाद विभाग मामले में क्या कार्रवाई करता है. ग्रामीणों ने उम्मीद जतायी है कि इस बार जलमीनार की वर्षों से जमा गाद हटाकर जलस्रोत की भी समुचित जांच करायी जाएगी, ताकि उन्हें सुरक्षित पेयजल मिल सके.

"योजना के तहत साफ-सफाई और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी मुखिया की है. इस संबंध में गांव की समिति को पत्र लिखा गया है. साथ ही, आवश्यक बजट तैयार कर सरकार को रिपोर्ट भेजी गयी है."

- संजय शर्मा, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, गोड्डा

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