वाटर प्लांट बंद रहने से परियोजना कर्मी व क्षेत्र के ग्रामीणों को हो रही परेशानी

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लाखों रुपये की लागत से बना आरओ वाटर प्लांट बंद

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गोड्डा जिले के राजमहल कोल परियोजना के ऊर्जानगर आवासीय कॉलोनी में लाखों रुपये की लागत से बना आरओ वाटर प्लांट बंद रहने से परियोजना कर्मी के साथ-साथ ग्रामीणों को पेयजल के लिये अत्यधिक परेशानी हो रही है. मालूम हो कि परियोजना में कार्य करने कर्मी व ग्रामीण के लिए शुद्ध पीने के पानी के लिए लाखों रुपये के लागत से ऊर्जानगर आवासीय कॉलोनी में वाटर प्लांट बनाया गया था. लेकिन प्लांट बनने के कुछ दिन बाद वाटर प्लांट खराब हो गया. इससे लोगों को परेशानी हो गयी. परियोजना कर्मी विनोद कुमार, शंकर कुमार, राजीव कुमार आदि ने बताया कि परियोजना के सिविल डिपार्टमेंट के देखरेख से वाटर प्लांट चलाया जाता है. लेकिन सिविल डिपार्टमेंट के लापरवाही के कारण पूरे ऊर्जा नगर कॉलोनी में पानी की परेशानी बनी हुई है. कॉलोनी में रहने वाले मजदूर को 15 से 20 दिन के अंतराल में पानी दिया जा रहा है. वह भी पानी गंदा रहता है. इससे घरेलू काम नहीं हो पा रहा है. पीने के पानी के लिए लगभग तीन वर्ष पूर्व प्रबंधन द्वारा ऊर्जा नगर में दो वाटर प्लांट बनाया गया था. लेकिन दोनों वाटर प्लांट खराब पड़ा हुआ है. सिविल डिपार्टमेंट के किसी भी पदाधिकारी के द्वारा वाटर प्लांट को ठीक नहीं किया जा रहा है. पानी देना मूलभूत सुविधा के अंतर्गत आता है. लेकिन प्रबंधन कोई भी सकारात्मक पहल नहीं कर रही है. इधर, मामले में इंजीनियर गणेश कुमार ने बताया कि वाटर प्लांट में तकनीकी खराबी है. जल्द ठीक कर शुरू किया जाएगा.

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