12वीं के बाद बेटियों की पढ़ाई पर ब्रेक, पोड़ैयाहाट में महिला कॉलेज का इंतजार
सांकेतिक तस्वीर.
पोड़ैयाहाट में महिला डिग्री कॉलेज की भारी कमी के चलते छात्राओं की उच्च शिक्षा अधूरी रह जाती है. गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की बेटियों को 12वीं के बाद पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक और सुरक्षा संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोग सरकार से जल्द से जल्द कॉलेज स्थापित करने की मांग कर रहे हैं.
रवि ठाकुर, पोड़ैयाहाट : शिक्षा के क्षेत्र में विकास के तमाम दावे किये जा रहे हैं, लेकिन पोड़ैयाहाट प्रखंड मुख्यालय की जमीनी हकीकत इन दावों से अलग तस्वीर पेश कर रही है. प्रखंड मुख्यालय में आज तक एक भी महिला आवासीय डिग्री कॉलेज नहीं है. इसका सीधा असर क्षेत्र की छात्राओं की उच्च शिक्षा पर पड़ रहा है. खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की बेटियों को 12वीं के बाद पढ़ाई जारी रखने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
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दर्जनों स्कूल-कॉलेज, फिर भी बेटियों के लिए नहीं है अलग व्यवस्था
पोड़ैयाहाट गोड्डा जिले के बड़े प्रखंडों में शामिल है. क्षेत्र में दर्जनों उच्च विद्यालय और इंटर कॉलेज संचालित हैं, लेकिन छात्राओं के लिए अलग से आवासीय डिग्री कॉलेज की सुविधा नहीं है. इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए छात्राओं को गोड्डा या दुमका जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है.
ग्रामीण इलाकों से आने वाली छात्राओं के लिए शहर में रहकर पढ़ाई करना आसान नहीं है. हॉस्टल, भोजन, आवागमन और अन्य खर्च का बोझ गरीब परिवारों की आर्थिक क्षमता से बाहर हो जाता है. वहीं, कई अभिभावक सुरक्षा को लेकर अपनी बेटियों को दूसरे शहर भेजने से भी कतराते हैं.
मेधावी छात्राओं के सपनों पर आर्थिक तंगी भारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पोड़ैयाहाट में महिला आवासीय डिग्री कॉलेज की स्थापना हो जाये तो सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए घर से दूर नहीं जाना पड़ेगा. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को भी स्नातक तक की पढ़ाई का अवसर मिल सकेगा.
छात्राओं ने बताया कि महिला कॉलेज नहीं होने के कारण कई बार उच्च शिक्षा का सपना अधूरा रह जाता है. कई मेधावी छात्राएं इंटरमीडिएट के बाद आगे की पढ़ाई छोड़कर घर बैठने को मजबूर हो जाती हैं.
'बेटी पढ़ाओ' के नारे के बीच सुविधा की दरकार
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार की ओर से बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगातार अभियान चलाये जाते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी शैक्षणिक सुविधाओं का अभाव अब भी बड़ी समस्या है. पोड़ैयाहाट जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में महिला आवासीय डिग्री कॉलेज की स्थापना समय की जरूरत है.
ग्रामीणों ने सरकार से की कॉलेज खोलने की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से पोड़ैयाहाट में जल्द से जल्द महिला आवासीय डिग्री कॉलेज स्थापित करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि कॉलेज खुलने से क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा और वे पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी.
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