बाल मजदूरी नहीं कराने दुकानदारों ने भरा शपथ पत्र

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प्रखंड के प्रमुख बाजार चतरो में सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बुधवार को दुकानदारों को बाल मजदूरी न कराने की सलाह दी गयी.

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देवरी.

प्रखंड के प्रमुख बाजार चतरो में सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बुधवार को दुकानदारों को बाल मजदूरी न कराने की सलाह दी गयी. कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन की पहल पर देवरी प्रखंड के देवरी थाना के सब इंस्पेक्टर रिशु सिन्हा सहित कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन के कार्यकर्ता सहित पुलिस के जवानों के साथ सभी ने सामूहिक रूप से देवरी प्रखंड के प्रमुख बाजारों में दुकानदारों से इसे लेकर शपथ पत्र भी भरवाया.

दुकानदारों ने शपथ पत्र में कहा है कि वे बाल श्रम को बढ़ावा नहीं देते हैं और आगे भी नहीं देंगे. उनका प्रतिष्ठान बाल श्रम मुक्त प्रतिष्ठान है. दुकानदारों को बाल श्रम मुक्त प्रतिष्ठान स्टीकर भी कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रंस फाउंडेशन के द्वारा उपलब्ध कराया गया. उन्होंने अपने दुकान में यह स्टीकर चिपकाये. जागरूकता कार्यक्रम के दौरान दुकानदारों को समझाते हुए कहा गया कि बच्चों से काम कराना कानूनन जुर्म है. इसके साथ ही साथ बच्चों से उनकी पढ़ाई और खेलकूद के उम्र में काम कराने का मतलब उसके बचपन को बर्बाद करना है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद में बढ़ावा दीजिए. इस मौके पर कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रंस फाउंडेशन के जिला समन्वयक सुरेंद्र पंडित, संदीप नयन, उदय राय, राजू सिंह, सुरेंद्र सिंह, नीरज मुर्मू, पंकज, मनीषा, बिनय बेसरा सहित अन्य उपस्थित रहे.

परसाडीह में चौपाल का किया गया आयोजन

इधर बाल मित्र ग्राम परसाडीह में चौपाल आयोजित की गयी. इसमें उपस्थित गांवों के प्रतिभागियों के बीच बाल मजदूरी से होने वाले नुकसान के प्रति संवेदनशील बनाने हेतु आवश्यक जानकारियां साझा की गई. इसके साथ ही बच्चों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल मजदूरी के दुष्प्रभाव को समझाने का प्रयास किया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुखिया विनोद हेम्ब्रम उपस्थित रहे.

बालश्��म करवाते पाये जाने पर होगी कार्रवाई

जागरूकता अभियान के दुकानदारों को बताया कि कोई भी थोड़े पैसे बचाने के चक्कर में बच्चों को काम पर न रखे. अगर ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. देवरी थाना एसआई रिशु सिन्हा ने कहा कि बाल मजदूरी कराने वाले जेल के हकदार होते हैं. सरकार ने बच्चों की शिक्षा और विकास के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की है ताकि उनका शोषण न हो. अगर किसी भी होटल, ढाबा, ठेला व दुकानों में कोई भी बच्चा काम करते हुए पाया जाएगा तो उसके खिलाफ पुलिस सख्त कदम उठाया जायेगा.

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