गिरिडीह: हादसों के बाद भी नहीं जागा विभाग, बराकर पुल के पास सूखा शीशम का पेड़ बना जानलेवा खतरा
सूखा शीषम का पेड़ एवं दुर्घटनाग्रस्त वाहन | Prabhat Khabar Network
गिरिडीह-डुमरी मार्ग पर बराकर पुल के पास सूखा शीशम का पेड़ हादसों को दे रहा न्योता। प्रशासन की लापरवाही से राहगीर और तीर्थयात्री खतरे में। जानें पूरी खबर।
भोला पाठक की रिपोर्ट
आपके शहर में
पीरटांड़,गिरिडीह. गिरिडीह-मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग पर बराकर पुल के समीप सड़क किनारे खड़ा सूखा शीशम का पेड़ राहगीरों और वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है. घुमावदार मोड़ और ब्रेकर के ठीक पास स्थित यह पेड़ अब तक कई दुर्घटनाओं का कारण बन चुका है. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर कई छोटी-बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. इन हादसों में कुछ लोगों की जान भी गयी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं. इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से पेड़ को हटाने के लिए अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
घुमावदार मोड़, ब्रेकर और सड़क किनारे खड़ा सूखा पेड़
बराकर पुल के पास सड़क का यह हिस्सा काफी संवेदनशील माना जाता है. एक ओर पुल है, तो दूसरी ओर घुमावदार मोड़ है. मोड़ के पास ही ब्रेकर भी बना हुआ है. ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहन चालकों को अचानक मोड़ और ब्रेकर के कारण वाहन नियंत्रित करने में परेशानी होती है. कई बार नियंत्रण बिगड़ने पर वाहन सड़क किनारे खड़े सूखे पेड़ से टकरा जाते हैं.
दो दिन पहले फिर हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, दो दिन पहले भी एक चारपहिया वाहन अनियंत्रित होकर सूखे पेड़ से जा टकराया था. इस दुर्घटना में वाहन पर सवार कई लोग घायल हो गये. हादसे के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन और संबंधित विभाग से पेड़ को हटाने की मांग की है.
किसी बड़े हादसे की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ पूरी तरह सूख चुका है और इसकी शाखाएं भी कमजोर हो गयी हैं. बारिश या तेज हवा चलने पर पेड़ कभी भी गिर सकता है. सड़क के बिल्कुल किनारे स्थित होने के कारण यदि यह पेड़ गिरता है, तो सड़क से गुजर रहे वाहन और लोगों इसकी चपेट में आ सकते हैं. इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है.
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा का भी सवाल
इस स्थान की संवेदनशीलता इसलिए भी अधिक है, क्योंकि इसके आसपास धार्मिक और पर्यटन महत्व के स्थल मौजूद हैं. समीप ही जैन धर्म के भगवान महावीर के केवलज्ञान स्थल के रूप में प्रसिद्ध ऋजु बालिका मंदिर स्थित है. यहां देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु और तीर्थयात्री पहुंचते हैं.
ऐसे में मुख्य सड़क पर दुर्घटना संभावित स्थान के पास सूखा पेड़ खड़ा रहना स्थानीय लोगों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय है. लोगों का कहना है कि सड़क पर यातायात का दबाव रहने के कारण कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है.
बड़े हादसे का इंतजार क्यों?
ग्रामीणों का कहना है कि सूखे पेड़ को हटाने के लिए कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को जानकारी दी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक पेड़ हटाने की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है. लोगों का सवाल है कि जब इस स्थान पर पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और दो दिन पहले भी वाहन पेड़ से टकरा चुका है, तो प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है.
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पर्याप्त सुरक्षा उपाय करने की भी अपील
ग्रामीणों ने तत्काल सूखे शीशम के पेड़ को हटाने की मांग की है. इसके साथ ही घुमावदार मोड़ और ब्रेकर के पास पर्याप्त सुरक्षा उपाय करने की भी अपील की है. लोगों का कहना है कि समय रहते पेड़ को हटाने और सड़क पर जरूरी सुरक्षा व्यवस्था करने से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है. इससे राहगीरों, वाहन चालकों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
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