बेरोजगारी ही नक्सलवाद का प्रमुख कारण : सीएम
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :01 Apr 2018 12:48 AM
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ की बैठक नक्सलवाद पर की चर्चा, कहा रोजगार का सृजन कर बेरोजगारों को जोड़ें विकास से ही खत्म होगा नक्सलवाद गिरिडीह : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गिरिडीह परिसदन में शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की. लगभग एक घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने नक्सल के खात्मा के लिए […]
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ की बैठक
नक्सलवाद पर की चर्चा, कहा रोजगार का सृजन कर बेरोजगारों को जोड़ें
विकास से ही खत्म होगा नक्सलवाद
गिरिडीह : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गिरिडीह परिसदन में शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की. लगभग एक घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने नक्सल के खात्मा के लिए अधिकारियों को हरसंभव कदम उठाने का सुझाव दिया. कहा कि बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ें. साथ ही रोजगार का सृजन भी करें. विकास के जरिये नक्सलवाद का खात्मा किया जा सकता है. इसके लिए नक्सल प्रभावित इलाकों में बेरोजगारों को रोजगार से जोड़ना होगा. बेरोजगारी ही नक्सलवाद का मुख्य कारण है. प्रभावित इलाके में एसएचजी ग्रुप बना कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना होगा. इसके लिए उन्हें संसाधनों के साथ-साथ प्रशिक्षण भी देने की भी जरूरत है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के कई केंद्रों में कई तरह की सामग्री की आपूर्ति की जाती है. जब हम खुद खरीदार हैं, तो बाहर से सामग्री की खरीद क्यों होगी. स्कूलों में अगले सत्र से सेनेटरी नैपकीन का वितरण किया जाना है और इसके लिए सरकार ने 25 करोड़ का बजट रखा है. एसएचजी ग्रुप के जरिये सेनेटरी नैपकीन बना कर स्कूलों में आपूर्ति की जा सकती है. इसके अलावा स्कूल ड्रेस, एमडीएम में अंडा की आपूर्ति, आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू इट की आपूर्ति एसएचजी के जरिये ही कराना सुनिश्चित करना है.
इसके लिए एसएचजी बनाकर लोगों को ट्रेनिंग दिलाने के लिए जिला प्रशासन अभियान चलाये. जिस गांव में 50 प्रतिशत से ज्यादा की आबादी ट्राइबल है, उन गांवों में आदिवासी विकास परिषद का गठन करें और इससे महिलाओं को जोड़े. हर ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पहुंच पथ पर फोकस करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया. कहा कि हर टोला व गांव को पहुंच पथ से जोड़ा जाये, ताकि ग्रामीणों को किसी भी तरह से आवागमन की परेशानी न हो. इसके लिए नाबार्ड से लोन लेकर पहुंच पथ निर्माण की बात कही.
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