अजय-रामदयाल का नजदीकी रहा है छोटू
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :14 Nov 2017 8:26 AM
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खुलासा. पीरटांड़-खुखरा थाना क्षेत्र के तीन नक्सली कांडों का है अभियुक्त रविवार को चतरो गांव में छापेमारी के दौरान पुलिस व सीआरपीएफ की गिरफ्त में आया छोटू बेसरा कई नक्सली कांडों का वांछित है. उसे पुलिस अरसे से तलाश कर रही थी. उससे पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं. डुमरी/निमियाघाट : जिला पुलिस […]
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खुलासा. पीरटांड़-खुखरा थाना क्षेत्र के तीन नक्सली कांडों का है अभियुक्त
रविवार को चतरो गांव में छापेमारी के दौरान पुलिस व सीआरपीएफ की गिरफ्त में आया छोटू बेसरा कई नक्सली कांडों का वांछित है. उसे पुलिस अरसे से तलाश कर रही थी. उससे पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं.
डुमरी/निमियाघाट : जिला पुलिस व सीआरपीएफ की संयुक्त टीम की छापेमारी में पकड़ा गया छोटू बेसरा उर्फ जगदेव बेसरा (पिता स्वर्गीय रतु) मांझी कुख्यात नक्सली है. छोटू भाकपा माओवादी के नेता अजय महतो, रामदयाल महतो उर्फ बच्चन व कृष्णा मांझी का काफी नजदीकी रहा है.
छोटू की गिरफ्तारी को पुलिस अहम सफलता बता रही है. यह जानकारी सोमवार को डुमरी में एसडीपीओ अरविंद कुमार विन्हा ने प्रेस वार्ता में दी. प्रेस वार्ता में सीआरपीएफ के अधिकारी मूलचंद व डुमरी पुलिस इंस्पेक्टर बीरेंद्र राम भी मौजूद थे. श्री विन्हा ने बताया कि जिला पुलिस के वरीय अधिकारियों को सूचना मिली थी कि खुखरा थाना क्षेत्र के चतरो गांव में किसी वाहन से नक्सलियों का कुछ सामान आ रहा है. इस सूचना पर जिला पुलिस व सीआरपीएफ की एक संयुक्त टीम गठित की गयी.
टीम का नेतृत्व खुखरा थाना प्रभारी अनिल उरांव व सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर जे एल नायर कर रहे थे. रविवार को चतरो गांव में छापेमारी के दौरान पुलिस ने छोटू को गिरफ्तार किया था. बताया कि नक्सली छोटू बेसरा गिरिडीह जिले के कई नक्सली कांडो में वंछित था. इनमें पीरटांड़ थाना कांड सख्या 46/12, 04/14 और खुखरा थाना कांडा संख्या 13/17 प्रमुख हैं.
30 वर्षों से जुड़ा है नक्सली संगठन से: एसडीपीओ ने बताया कि छोटू बेसरा 30 वर्षों से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ है. पारसनाथ की तराई के इलाके में खासकर चतरो व उसके आसपास के गांवों में छोटू का वर्चस्व है. बताया कि कई कांडों में छोटू ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. छोटू के बयान के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.
2014 के अपहरणकांड में भी शामिल था छोटू
पुलिस को दिये बयान में छोटू ने बताया कि जून 2012 में उसने दस्ता सदस्यों के साथ पुलिस बल को क्षति पहुंचाने के लिए मधुबन में बैनर व पोस्टर के साथ एक बैनर में प्रेशर आइडी लगा दिया था. वही आइडी विस्फोट किया तो एक ग्रामीण की मौत हो गयी. जुलाई 2012 में बच्चन, अजय व नुनूचंद के दस्ते के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई थी, जिसमें वह भी शामिल था. जनवरी 2014 में पंचायत सेवक के साथ चार लोगों का अपहरण किया गया था.
इस अपहरण में बच्चन, अजय के साथ वह भी शामिल था. अपहृत की खोज के दौरान ढोलकट्टा में विस्फोट किया गया था जिसमें पुलिस बल को क्षति पहुंचाई गयी थी. मार्च 2014 में सड़क निर्माण में लगे जेसीबी को जलाने में भी वह शामिल था. पुलिस को दिए फर्द बयान में छोटू ने कहा है कि अजय महतो व रामदयाल ने काफी संपत्ति बनायी है.
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