भैंस से टकरायी स्कॉर्पियो, खुल गया अंतरराज्यीय शराब तस्करी का बड़ा राज

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एनएच-39 पर एक स्कॉर्पियो की दुर्घटना ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गाड़ी से भारी मात्रा में शराब और फर्जी नंबर प्लेट बरामद की है.

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रमना से दिनेश कुमार गुप्ता

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रमना. एनएच-39 पर भैंस से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुई एक स्कॉर्पियो ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का राज खोल दिया. बहियार खुर्द मोड़ के समीप रविवार अहले सुबह हुई दुर्घटना के बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो की जांच शुरू की. जांच में वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट के साथ सीटों के नीचे शराब छिपाने के लिए बनाया गया गुप्त चेंबर मिला.

मंगलवार को रमना थाना परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार आजाद और थाना प्रभारी आकाश कुमार ने मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो पर बीआर05पीए 6347 नंबर अंकित था. जांच के दौरान वाहन के कागजात, रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस-इंजन नंबर में अंतर मिला. इसके बाद पुलिस को फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाने का संदेह हुआ.

सीट के नीचे बनाया गया था गुप्त तहखाना

संदेह के आधार पर थाना प्रभारी आकाश कुमार और एसआइ जयप्रकाश गुप्ता ने स्कॉर्पियो की गहन तलाशी ली. इस दौरान सीटों के नीचे विशेष रूप से मॉडिफाइड चेंबर मिला. इसी गुप्त तहखाने में शराब छिपाकर रखी गयी थी. पुलिस ने तहखाने से उत्तर प्रदेश के 'नॉट फॉर सेल' का लोगो लगा शराब का पैकेट भी बरामद किया.

तलाशी में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निर्मित 180 एमएल के 810 पैकेट फ्रूटी शराब बरामद हुए. पुलिस के अनुसार बरामद शराब की कुल मात्रा 145.8 लीटर है. इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.05 लाख रुपये आंकी गयी है.

ओबरा से हाजीपुर पहुंचायी जानी थी शराब की खेप

पुलिस के अनुसार पूछताछ में गिरफ्तार चालक ने शराब की खेप के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी है. चालक रोहित कुमार (25), निवासी कानो विशुनपुर, समस्तीपुर, ने बताया कि शराब की खेप उत्तर प्रदेश के ओबरा से लोड करायी गयी थी. इसे बिहार के हाजीपुर में आलू सिंह के पास पहुंचाना था.

पुलिस के मुताबिक समस्तीपुर निवासी मोनू कुमार भी रोहित का सहयोगी है. पुलिस को आशंका है कि झारखंड के रास्ते उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच शराब तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है. चालक से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.

पहले भी 155 पेटी शराब तस्करी में जा चुका है जेल

गिरफ्तार चालक रोहित कुमार का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है. पुलिस के अनुसार वह पहले भी पलामू में कंटेनर वाहन से 155 पेटी शराब की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है. इसके बावजूद दोबारा शराब तस्करी में शामिल होने के बाद पुलिस इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गयी है.

वाहन मालिक और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल फर्जी नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो के असली मालिक और वाहन में गुप्त तहखाना तैयार कराने वाले व्यक्ति को लेकर है. पुलिस चेसिस और इंजन नंबर के आधार पर वाहन के वास्तविक मालिक की पहचान करने में जुटी है.

साथ ही ओबरा से हाजीपुर तक फैले शराब तस्करी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चालक से मिली जानकारी और वाहन से बरामद साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ायी जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि जांच में अंतरराज्यीय शराब तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं.

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