15 किमी चल कर आये फिर भी नहीं मिला पैसा

Published at :14 Jan 2017 9:18 AM (IST)
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15 किमी चल कर आये फिर भी नहीं मिला पैसा

सुबह सात बजे ही बैंक पहुंच जाती हैं धुरकी : प्रखंड में कुल गांव 28 है, जिसकी कुल जनसंख्या 60 हजार है. दो बैंक एक टाटीदीरी ग्रामीण बैंक है, दूसरा प्रखंड मुख्यालय में भारतीय स्टेट बैंक है. लेकिन सारी भीड़ धुरकी स्टेट बैंक मे रहती है. क्योंकि सरकारी खाते से लेकर पंचायत के खाते व […]

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सुबह सात बजे ही बैंक पहुंच जाती हैं
धुरकी : प्रखंड में कुल गांव 28 है, जिसकी कुल जनसंख्या 60 हजार है. दो बैंक एक टाटीदीरी ग्रामीण बैंक है, दूसरा प्रखंड मुख्यालय में भारतीय स्टेट बैंक है. लेकिन सारी भीड़ धुरकी स्टेट बैंक मे रहती है. क्योंकि सरकारी खाते से लेकर पंचायत के खाते व स्वास्थ्य शिक्षा आंगन बाड़ी से लेकर सभी आम जनो तथा मनरेगा मजदूर का अक्सर खाते का भुगतान धुरकी स्टेट बैंक से होता है. लेकिन नोट बंदी का असर अभी भी यहां के बैंक उपभोक्ता को झेलना पड़ रहा है.
इसका असर यहां कि महिलाअों को झेलना पड़ रहा है. सुबह सात बजे 15 किमी से पैदल चल कर आती हैं.बैंक के गेट पर पहुंचते ही पैसे बैंक में खत्म हो जा रहे हैं. इस संबंध में केवली देवी बिसुनिया तथा शोहरी देवी पनघटवा 16 किमी से सुबह तीन दिन से पैसे के लिए नंबर लगा रही है, लेकिन बैंक से पैसे नहीं मिलता. वही रूपवंती देवी, शिलवंती देवी शिवरी आठ किमी से छह माह के बच्चे को गोद मे लेकर मात्र लाभ का पैसा लेने के लिए तीन दिन से चक्कर लगा रही है.
लेकिन पैसा बैंक से नहीं ले सकी. लालती देवी कहती है कि हमारे पति बाहर कमाने गये हैं, पैसा भेजे हैं. मकर संक्रांति का बाजार करना है. लेकिन तीन दिन से चक्कर लगा रहे हैं. भीड़ में धक्का मुक्की खा कर गेट पर पहुंचते हैं, तो कह दिया जाता है कि पैसा खत्म घर जाइये. इधर धुरकी स्टेट बैंक का काम यह है कि महीने केो सेकेंड और लास्ट शनिवार को तथा बुधवार को नन बैंकिंग एव संडे को पैसा बैंक से लेन देन नहीं होता तथा सरकारी छुट्टी को कुल मिला कर ग्राहक को महीने में 18 दिन ही बैंक सेवा देती है.
इधर शुक्रवार को भी नंबर में लाइन में लगे महिला-पुरुष को बैरन वापस जाना पड़ा. बैंक खुलते ही सूचना टांग दिया गया कि बैंक में पैसा नहीं रहने के कारण बैंक से भुगतान नहीं किया जायेगा. इस संबंध मे शाखा प्रबंधक एन आर मुर्मू ने कहा कि बैंक मे पैसा नही रहने के कारण भुगतान नहीं किया जा रहा है.
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