सरकार की उपेक्षा का शिकार हो रहा है गोदरमाना बाजार
Author Prabhat khabar digital desk
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गोदरमाना : रंका प्रखंड का गोदरमाना बाजार आजादी के बाद से आजतक बुनियादी सुविधाओं का दंश झेल रहा है. रंका प्रखंड में पड़नेवाला गोदरमाना बाजार अनुमंडल मुख्यालय रंका के बाद जनसंख्या, व्यवसाय और आवागमन की दृष्टि से दूसरे स्थान पर है. गोदरमाना गढ़वा जिले के रंका, भंडरिया, रमकंडा, बड़गड़ आदि स्थानों पर जाने का यह […]
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गोदरमाना : रंका प्रखंड का गोदरमाना बाजार आजादी के बाद से आजतक बुनियादी सुविधाओं का दंश झेल रहा है. रंका प्रखंड में पड़नेवाला गोदरमाना बाजार अनुमंडल मुख्यालय रंका के बाद जनसंख्या, व्यवसाय और आवागमन की दृष्टि से दूसरे स्थान पर है. गोदरमाना गढ़वा जिले के रंका, भंडरिया, रमकंडा, बड़गड़ आदि स्थानों पर जाने का यह केंद्र है. यहां से होकर ही सारी बसें अपने गंतव्य स्थान की ओर रवाना होती है. छत्तीसगढ़ के ठीक सीमा पर अवस्थित होने के कारण गोदरमाना व्यापारिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है.
आपके शहर में
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गोदरमाना के ठीक दूसरी ओर कनहर नदी पार छत्तीसगढ़ का रामानुजगंज शहर है. रामानुजगंज छत्तीसगढ़ का अनुमंडल मुख्यालय होने के साथ ही एक बड़ा बाजार है. जिसके कारण व्यापारी गोदरमाना से रामानुजगंज होकर रांची, पटना, गया,वाराणसी जैसे शहरों से व्यापार करते हैं. वहीं झारखंड के सामान गोदरमाना से होकर छत्तीसगढ़ के शहरों में जाते हैं.
इसके बावजूद भी गोदरमाना को आज तक प्रखंड का दर्जा नहीं दिया गया. न ही यहां थाना बना और न ही कोई बस पड़ाव ही बने. गोदरमाना में आने-जानेवाले महिला यात्रियों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं की गयी है. स्थिति यह है कि जब गढ़वा, भंडरिया, रमकंडा, बड़गड़ आदि स्थानों से जब यात्री बसें यहां आकर रुकती है, तो महिलाएं शौचालय के लिये परेशान दिखती हैं. उन्हें इधर-उधर भटकते देखा जाता है.
यहां यात्रियों के पेयजल की सुविधा भी नहीं है. थाना नहीं होने के कारण यहां के लोगों को किसी घटना की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए 25 किलोमीटर दूर रंका जाना पड़ता है. इसके कारण छोटे-मोटे मामलों में लोग दूर जाकर रंका थाना जाने के बजाय मामलों को यूं ही छोड़ देना पसंद करते हैं. व्यवस्था की कमी की वजह से यहां के दर्जनों व्यवसायी गोदरमाना छोड़कर रामानुजगंज चले गये हैं. सरकार की उपेक्षा की वजह से गोदरमाना बाजार एक तरह से उजड़ने की स्थिति में होता जा रहा है.
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