दुमका के शुभम ने जर्मनी में लहराया परचम, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में जीता सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार

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जर्मनी की फ्रीए यूनिवर्सिटी बर्लिन में शुभम कुमार | Prabhat Khabar Network

दुमका के शोधार्थी शुभम कुमार ने जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार जीतकर झारखंड का मान बढ़ाया है.

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दुमका : दुमका निवासी शोधार्थी शुभम कुमार ने जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुतीकरण पुरस्कार हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. जर्मनी की फ्रीए यूनिवर्सिटी बर्लिन में 23 से 28 अगस्त तक आयोजित 26वें एनटी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला. सम्मेलन में विभिन्न देशों के 400 से अधिक शोधार्थियों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. शुभम कुमार ने सम्मेलन में ‘आयन-एक्सचेंज बीड्स के फ्लैश जूल हीटिंग के माध्यम से एकीकृत परिशोधन और ग्राफीन निर्माण’ विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया. उनके शोध में इस्तेमाल हो चुके आयन-एक्सचेंज रेजिन को उपयोगी और उच्च मूल्य वाले टर्बोस्ट्रेटिक ग्राफीन में परिवर्तित करने की नई तकनीक पर काम किया गया है. इस शोध की विशेषता यह है कि प्रक्रिया के दौरान रेजिन में मौजूद दुर्लभ मृदा तत्व सीरियम को भी पुनः प्राप्त किया जा सकता है.

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जर्मनी की फ्रीए यूनिवर्सिटी बर्लिन में शुभम कुमार | Prabhat Khabar Network
जर्मनी की फ्रीए यूनिवर्सिटी बर्लिन में शुभम कुमार | Prabhat Khabar Network

अपशिष्ट से तैयार होगा मूल्यवान संसाधन

शुभम के शोध में फ्लैश जूल हीटिंग तकनीक का प्रयोग किया गया है. यह एक तीव्र विद्युत-तापन प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से इस्तेमाल किये जा चुके रेजिन को बहुत कम समय में गर्म कर ग्राफीन में परिवर्तित किया जाता है. इस प्रक्रिया में किसी विलायक के उपयोग की आवश्यकता नहीं पड़ती. इससे यह तकनीक अपेक्षाकृत अधिक संसाधन-कुशल और पर्यावरण अनुकूल बनती है. शोध में अपशिष्ट पदार्थों से उपयोगी संसाधन प्राप्त करने, महत्वपूर्ण धातुओं की पुनर्प्राप्ति तथा टिकाऊ उन्नत सामग्री तैयार करने की संभावनाओं को सामने रखा गया है. विशेष रूप से औद्योगिक प्रक्रियाओं से निकलने वाले अपशिष्ट को उपयोगी एवं मूल्यवान संसाधनों में बदलने की दिशा में यह तकनीक महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में कर रहे शोध

शुभम कुमार वर्तमान में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में शोधार्थी हैं और प्रो. किंशुक दासगुप्ता के मार्गदर्शन में शोध कार्य कर रहे हैं. उन्होंने आईआईटी मद्रास से एमटेक तथा बीआईटी सिंदरी से रासायनिक अभियांत्रिकी में बीटेक की पढ़ाई पूरी की है. आजाद नगर दुमका निवासी शुभम कुमार ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवारजनों और मित्रों को दिया है. उन्होंने कहा कि परिवार से मिले निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

स्कूल की शिक्षिका के योगदान को किया याद

शुभम ने अपने विद्यालयी जीवन की विज्ञान शिक्षिका निभा भारद्वाज के प्रति भी विशेष आभार व्यक्त किया. उन्होंने बताया कि विज्ञान के प्रति उनकी रुचि विकसित करने में शिक्षिका की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उनके मार्गदर्शन में स्कूल के दिनों में विज्ञान को समझने का जो तरीका और वैज्ञानिक सोच विकसित हुई, वह आज भी उनके शोध कार्य में उपयोगी साबित हो रही है.

अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए मिली वित्तीय सहायता

जर्मनी में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए शुभम कुमार को अनुसंधान राष्ट्रीय शोध प्रतिष्ठान की अंतरराष्ट्रीय यात्रा योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई थी. अंतरराष्ट्रीय मंच पर सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुतीकरण पुरस्कार हासिल करना न केवल शुभम कुमार की अकादमिक उपलब्धि है, बल्कि दुमका और झारखंड के लिए भी गौरव की बात है.

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