रानीश्वर स्टेडियम में खिलाड़ियों की जगह नशेड़ियों का जमावड़ा:15 साल बाद भी अधूरा, 80 लाख खर्च

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स्टेडियम परिसर| Prabhat Khabar Network

रानीश्वर स्टेडियम 15 साल से अधूरा, 80 लाख खर्च के बावजूद मवेशियों का अड्डा बना. असामाजिक तत्वों का जमावड़ा, खिलाड़ियों को सुविधा नहीं.

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प्रतिनिधि, रानीश्वर.रानीश्वर प्रखंड का एकमात्र स्टेडियम निर्माण शुरू होने के करीब 15 साल बाद भी पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है. करीब 80 लाख रुपये की लागत से एनआरपी विभाग के माध्यम से शुरू कराया गया यह स्टेडियम आज बदहाली और उपेक्षा का शिकार है. खिलाड़ियों को सुविधा देने के उद्देश्य से बनाए गए इस परिसर में अब मवेशी खुलेआम घूमते हैं, जबकि शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने की शिकायत स्थानीय लोगों ने की है.

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दो जगह बदला गया स्थल, फिर शुरू हुआ निर्माण

जानकारी के अनुसार स्टेडियम निर्माण की योजना वर्ष 2007-08 में शुरू हुई थी. शुरुआत में रघुनाथपुर हाईस्कूल मैदान में निर्माण के लिए नींव खोदी गई थी. बाद में स्थल चयन को लेकर विवाद उत्पन्न होने के बाद स्टेडियम का निर्माण रानीश्वर मिडिल स्कूल के समीप स्थित फुटबॉल मैदान में स्थानांतरित किया गया.

यहां भी गोचर जमीन से जुड़े विवाद के कारण कुछ समय तक निर्माण कार्य बाधित रहा. बाद में जमीन विवाद सुलझने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया गया.

विभागीय अभियंता की जगह बिचौलियों के भरोसे काम कराने का आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य की निगरानी के लिए विभागीय स्तर पर अभियंता की व्यवस्था थी, लेकिन स्टेडियम का काम कथित तौर पर बिचौलियों की देखरेख में कराया गया. निर्माण के दौरान चाहरदीवारी, गैलरी, चेंजिंग रूम, हॉल और मुख्य द्वार के दोनों ओर दुकाननुमा कटरे का निर्माण कराया गया.

स्टेडियम में प्रवेश और निकासी के लिए दो अलग-अलग गेट छोड़े गए थे, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी इन गेटों को नहीं लगाया गया.

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गेट नहीं लगा तो स्टेडियम बना मवेशियों का चारागाह

गेट नहीं होने के कारण स्टेडियम परिसर में बेरोकटोक आवाजाही जारी है. स्थानीय लोगों के अनुसार परिसर में मवेशी खुलेआम घूमते हैं और पूरा मैदान धीरे-धीरे चारागाह में तब्दील होता जा रहा है.

वहीं शाम के समय परिसर में शराब पीने, गांजा सेवन और जुआ खेलने वाले लोगों का जमावड़ा लगने की शिकायत भी सामने आ रही है. निगरानी और रखरखाव की व्यवस्था नहीं होने से स्टेडियम का उपयोग खिलाड़ियों की बजाय असामाजिक गतिविधियों के लिए होने लगा है.

मैदान और गैलरी में बिखरी रहती हैं शराब की टूटी बोतलें

स्टेडियम,व गैलरी पर फेंके गये टूटी हुई शीशे की बोतलें,बंद पड़ा कटरा, प्रवेश द्वार पर कीचड़ | Prabhat Khabar Network
गैलरी में पड़ी टूटी कांच की बोतलें| Prabhat Khabar Network

स्थानीय लोगों के अनुसार शराब पीने वाले लोग शराब की कांच की बोतलें गैलरी और मैदान में तोड़कर फेंक देते हैं. इससे खिलाड़ियों और आम लोगों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है.

स्टेडियम परिसर में नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण चारों ओर झाड़ियां और जंगल उग आए हैं. ऐसे में खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित होने पर भी आयोजकों और खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

मुख्य द्वार के दोनों ओर बने पांच-पांच कटरे भी बेकार

स्टेडियम के मुख्य द्वार के दोनों ओर पांच-पांच कटरे बनाए गए हैं, लेकिन इनका भी अब तक उपयोग नहीं हो रहा है. लंबे समय से बंद पड़े कटरे के शटर में जंग लग रहा है और पूरा ढांचा धीरे-धीरे खराब होता जा रहा है.

प्रवेश द्वार पर पीसीसी ढलाई नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में कीचड़ जमा हो जाता है. इससे पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी होती है.

बच्चों की प्रतियोगिता में भी टूटी बोतलें बनती हैं खतरा

स्थानीय लोगों ने बताया कि कभी-कभार स्कूल और कॉलेज के बच्चों के लिए स्टेडियम में खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं. लेकिन मैदान और गैलरी में बिखरी कांच की टूटी बोतलों के कारण बच्चों और खिलाड़ियों को चोट लगने का खतरा बना रहता है.

गेट नहीं होने के कारण परिसर में लगातार अनधिकृत प्रवेश जारी है. इससे गैलरी और अन्य हिस्सों में भी जगह-जगह टूट-फूट होने लगी है.

खिलाड़ियों ने कहा : इतनी राशि खर्च के बाद भी सुविधा नहीं

स्थानीय खेलप्रेमियों का कहना है कि काफी प्रयासों के बाद रानीश्वर में स्टेडियम का निर्माण कराया गया और इस पर बड़ी राशि खर्च हुई. इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं के अभाव में इसका लाभ खिलाड़ियों को नहीं मिल पा रहा है.

खेलप्रेमियों का कहना है कि स्टेडियम में दो गेट, शौचालय और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ नियमित साफ-सफाई जरूरी है. साथ ही स्टेडियम के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी किसी सक्षम संस्था या व्यक्ति को सौंपी जानी चाहिए.

जिम्मेदारी तय हो तो सुधर सकती है व्यवस्था

स्टेडियम,व गैलरी पर फेंके गये टूटी हुई शीशे की बोतलें,बंद पड़ा कटरा, प्रवेश द्वार पर कीचड़ | Prabhat Khabar Network
प्रवेश द्वार पर कीचड़ | Prabhat Khabar Network

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्टेडियम के दोनों प्रवेश द्वार पर गेट लगाने, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था करने तथा पूरे परिसर की साफ-सफाई कराने की मांग की है. इसके साथ ही स्टेडियम की देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई है.

लोगों का कहना है कि यदि स्टेडियम की नियमित निगरानी और रखरखाव शुरू हो जाए तो असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रोका जा सकता है और रानीश्वर के खिलाड़ियों को लंबे समय बाद बेहतर खेल सुविधा मिल सकती है.

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