बासुकिनाथ के केशरी सूर्य मंदिर का क्या है रहस्य? इतिहास पुराना, लेकिन व्यवस्था आज भी बदहाल

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केशरी सूर्य मंदिर| Prabhat Khabar Network

झारखंड के केशरी सूर्य मंदिर में आस्था तो अपार, पर मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव. जाने क्यों श्रद्धालु परेशान हैं और क्या है समाधान.

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प्रतिनिधि, बासुकिनाथ . जरमुंडी प्रखंड की सिंहनी पंचायत स्थित प्रसिद्ध केशरी सूर्य मंदिर धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है . विशेष तिथियों और पर्व के अवसर पर यहां हजारों श्रद्धालु भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं . दूर-दराज से भक्त अपनी मन्नतें लेकर मंदिर आते हैं और पूजा कर मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं . लेकिन श्रद्धा और आस्था के इस प्रमुख केंद्र की तस्वीर विकास के मामले में बेहद निराशाजनक है .

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झारखंड पर्यटन विभाग की उपेक्षा के कारण केशरी सूर्य मंदिर अब भी अपेक्षित विकास की बाट जोह रहा है . मंदिर परिसर के विकास के लिए करीब पांच वर्ष पहले आसपास की जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी थी . इसके बावजूद अब तक पर्यटन स्थल के रूप में मंदिर के विकास के लिए कोई ठोस पहल धरातल पर नहीं उतर सकी है .

विशेष अवसरों पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है . बड़ी संख्या में भक्त यहां पूजा-अर्चना के साथ पाठा की बलि भी प्रदान करते हैं . ऐसे में मंदिर परिसर में सुविधाओं का अभाव श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है .

खुले आसमान के नीचे प्रसाद तैयार करने को मजबूर श्रद्धालु

केशरी सूर्य मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी समस्या मूलभूत सुविधाओं का अभाव है . दूर-दराज से आने वाले कई भक्त मंदिर परिसर में ही प्रसाद तैयार करते हैं . लेकिन इसके लिए उन्हें खुले आसमान का सहारा लेना पड़ता है .

धूप, गर्मी और बारिश के दौरान खुले में प्रसाद तैयार करना श्रद्धालुओं के लिए काफी मुश्किल होता है . मंदिर परिसर में न तो पर्याप्त शेड की व्यवस्था है और न ही श्रद्धालुओं के बैठने या आराम करने के लिए समुचित इंतजाम . धार्मिक आयोजन के दौरान भीड़ बढ़ने पर यह समस्या और गंभीर हो जाती है .

जर्जर सड़क से मंदिर पहुंचने को मजबूर हैं श्रद्धालु

केशरी सूर्य मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति भी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है . जर्जर सड़क से होकर लोगों को मंदिर तक पहुंचना पड़ता है . बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है .

सड़क खराब होने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों से मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है . विशेष पर्व और धार्मिक अवसरों पर जब श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, तब वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है .

श्रद्धालुओं का कहना है कि सड़क का निर्माण और सुदृढ़ीकरण कराया जाये तो मंदिर तक पहुंचना आसान होगा . साथ ही क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा .

हजारों श्रद्धालुओं के लिए सिर्फ एक चापानल

मंदिर परिसर में पेयजल की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है . वर्तमान में श्रद्धालुओं के लिए सिर्फ एक चापानल उपलब्ध है . इसी के सहारे मंदिर आने वाले लोगों को अपनी पेयजल की जरूरत पूरी करनी पड़ती है .

विशेष तिथियों पर जब हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, तो एकमात्र चापानल पर दबाव काफी बढ़ जाता है . दूर-दराज से आने वाले भक्तों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ती है . गर्मी के दिनों में समस्या और विकट हो जाती है .

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर में ही प्रसाद तैयार कर ग्रहण करते हैं . ऐसे में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था बेहद जरूरी है . लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में कई स्थानों पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध करायी जानी चाहिए .

शौचालय, शेड समेत कई सुविधाओं का इंतजार

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के विकास के लिए सिर्फ सड़क और पेयजल ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए शौचालय, बैठने और विश्राम करने के लिए शेड, प्रसाद तैयार करने की व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जानी चाहिए .

जब विशेष अवसरों पर हजारों लोग मंदिर पहुंचते हैं, तब सीमित संसाधनों के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है . ऐसे में मंदिर को व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की जरूरत है .

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जमीन अधिग्रहण के बाद भी नहीं बदली तस्वीर

मंदिर परिसर के आसपास पर्यटन विकास के उद्देश्य से करीब पांच वर्ष पहले जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी थी . स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इसके बाद मंदिर परिसर में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा और केशरी सूर्य मंदिर को एक विकसित धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी . लेकिन वर्षों बीतने के बावजूद तस्वीर में खास बदलाव नहीं आया है .

ग्रामीणों का कहना है कि यदि अधिग्रहित जमीन का उपयोग पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए किया जाये तो यहां श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार की जा सकती है . इससे मंदिर की धार्मिक पहचान और मजबूत होने के साथ क्षेत्र में स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे .

पर्यटन विभाग और जनप्रतिनिधियों से ठोस पहल की मांग

केशरी सूर्य मंदिर व वहां तक जाने का जर्जर सड़क | Prabhat Khabar Network
मंदिर तक जाने वाली जर्जर सड़क | Prabhat Khabar Network

ग्रामीण एवं मंदिर समिति के सदस्य गौरीशंकर मंडल, सुरेश राय, प्रमोद कुमार समेत अन्य लोगों ने पर्यटन विभाग और जनप्रतिनिधियों से केशरी सूर्य मंदिर के विकास के लिए शीघ्र ठोस योजना तैयार कर काम शुरू कराने की मांग की है .

लोगों का कहना है कि केशरी सूर्य मंदिर में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं . यदि यहां सड़क, पेयजल, शौचालय, शेड और अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास किया जाये तो यह क्षेत्र न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है .

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