प्रेम जब अनंत हो गया.. मेरा रोम रोम संत हो गया… पर झूमें श्रद्धालु

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रानीबांध में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का समापन रविवार को हो गया. आज कक्षा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे.

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धनबाद.

रानीबांध में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का समापन रविवार को हो गया. अंतिम दिन कथा की शुरुआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना से की गई. कथा वाचक सुरेंद्र हरिदास महाराज ने भक्तों को भजन “प्रेम जब अनंत हो गया… मेरा रोम रोम संत हो गया.. सुनाया. उन्होंने कहा कि मनुष्य को सुख की प्राप्ति होती है तो कहता है कि यह मेरी मेहनत का फल है. लेकिन जब दुःख होता है तो कहते हैं कि यह सब भगवान की गलती है. मनुष्य को सब कुछ भगवान पर छोड़ देना चाहिए क्योंकि मानव को उसके कर्मों का ही फल मिलता है. मनुष्य जब सच्चे भाव से भगवान की पूजा करते हैं तो भगवान को स्वीकार करनी पड़ती है. कथा को सफल बनाने में रामचंद्र प्रसाद गुप्ता, शोभा देवी, श्याम पांडे, स्वाति पांडे, एसके सिन्हा, चंद्रलता झा, सिद्धेश्वर दुबे, कृष्णा देवी, शिव शंकर झा, मातादीन अग्रवाल, राजकुमार नाग, अमृत सिंह, रूपांजलि सिंह, अनिता वर्मा, मनोज शर्मा, रुचि बंसल, टिंकू दास, इंद्र सिंह, उपेन्द्र मालाकार, कलावती देवी, रेणु देवी, मीना देवी, रेखा देवी, धीरेंद्रपुरम धैया के लोगों कासक्रिय योगदान रहा. सोमवार को हवन पूर्णाहुति के साथ भंडारा की व्यवस्था की गयी है.

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