कतरास भू-धसान हादसा: तीन मौतों के बाद जागा प्रशासन, बंद खदानों को लेकर उठाए कड़े कदम

Updated:
विज्ञापन

BCCL कर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

धनबाद के रामकनाली में बंद खदान में कोयला चुनते समय भू-धसान हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई. प्रशासन और बीसीसीएल ने हरकत में आकर खदानों पर सुरक्षा चेतावनी के साथ ट्रेंच कटिंग का काम शुरू कर दिया है.

विज्ञापन

धनबाद. रामकनाली ओपी क्षेत्र के बट्टू बाबू बंगला के समीप बंद परियोजना में कोयला चुनने के दौरान हुए भू-धसान हादसे में तीन लोगों की मौत के दूसरे दिन सोमवार को घटनास्थल पर सन्नाटा पसरा रहा. हादसे के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है. इस बीच बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के अधिकारियों के निर्देश पर कर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा संबंधी चेतावनी संदेश लिखने के साथ ट्रेंच कटिंग का काम शुरू कराया.

विज्ञापन

रविवार को हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी. घटना के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही नहीं दिखी. स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का माहौल है. वहीं, बीसीसीएल की ओर से खतरनाक क्षेत्र में लोगों के प्रवेश को रोकने के उद्देश्य से प्रारंभिक सुरक्षा उपाय किये गये.

दीवारों और चट्टानों पर लिखे गये चेतावनी संदेश

मौके पर पहुंचे कर्मियों ने बंद परियोजना के आसपास की दीवारों, चट्टानों और अन्य स्थानों पर लाल रंग से खतरे संबंधी स्लोगन लिखे. इन संदेशों के माध्यम से लोगों को भू-धसान प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी गयी. साथ ही जेसीबी मशीन लगाकर भू-धंसी सड़क के आसपास ट्रेंच कटिंग का कार्य भी शुरू किया गया.

ये भी पढ़ें: प्रिंस खान के भाई महताब आलम उर्फ बंटी खान गिरफ्तार, कई मामलों में पुलिस कर रही पूछताछ

स्थानीय स्तर पर माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य लोगों की आवाजाही सीमित करना और संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है. हालांकि, इस संबंध में बीसीसीएल की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

शवों के अंतिम संस्कार की चर्चा

स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोगों का अंतिम संस्कार सोमवार को परिजनों द्वारा कर दिया गया. वहीं, घटना में घायल कुछ अन्य लोगों के अलग-अलग स्थानों पर इलाज कराने की भी चर्चा है. हालांकि, इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.

ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाये सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि बंद परियोजनाओं में कोयला चुनने के दौरान पहले भी हादसे होते रहे हैं. उनका आरोप है कि केवल चेतावनी संदेश लिख देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा. ग्रामीणों ने मांग की कि खतरनाक क्षेत्रों की घेराबंदी की जाये, नियमित निगरानी की व्यवस्था हो और बंद परियोजनाओं में लोगों के प्रवेश पर प्रभावी रोक लगायी जाये.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किये जायेंगे, तब तक ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहेगी. उन्होंने संबंधित एजेंसियों से संवेदनशील और भू-धसान प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है.

हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की मांग

ग्रामीणों ने यह भी मांग उठायी कि घटना की पूरी जांच करायी जाये और यह सुनिश्चित किया जाये कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. उनका कहना है कि खनन प्रभावित और बंद परियोजना क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए, ताकि लोगों की जान जोखिम में न पड़े.

हादसे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गयी है. स्थानीय लोग अब केवल चेतावनी बोर्ड और दीवार लेखन के बजाय दीर्घकालिक एवं प्रभावी सुरक्षा उपायों की अपेक्षा कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें: Jharkhand Home Guard: होमगार्ड जवानों की बल्ले-बल्ले? 8वें वेतन आयोग और DA को लेकर विधायक जयराम महतो ने दिया बड़ा आश्वासन

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola