नेशनल लोक अदालत में 15.67 अरब के विवादों का निबटारा, 1.66 अरब की परिसंपत्तियों व नियुक्ति पत्र का वितरण
लोक अदालत में मौैजूद हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद और अन्य
धनबाद में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 15 अरब 67 करोड़ के विवाद सुलझाए गए. अनाथ बच्चों को छात्रवृत्ति और सड़क दुर्घटना पीड़ितों को करोड़ों का मुआवजा मिला.
धनबाद. झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की ओर से शनिवार को बीसीसीएल सामुदायिक भवन, कोयला नगर में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.

लोक अदालत में कुल 15 अरब 67 करोड़ 25 लाख 20 हजार 215 रुपये के विवादों का निबटारा किया गया. वहीं एक अरब 66 करोड़ 34 लाख 63 हजार रुपये की परिसंपत्तियों और नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया. इस दौरान एक लाख 63 हजार 441 मामलों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया गया.
कोविड में अनाथ हुए 62 बच्चों को मिलेगी छात्रवृत्ति
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने बताया कि शनिवार को करीब 10 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण लाभुकों के बीच किया गया. कोविड-19 के दौरान अनाथ हुए 62 बच्चों को झालसा के प्रोजेक्ट शिशु के तहत बीसीसीएल की सीएसआर योजना से स्पॉन्सरशिप का लाभ दिया गया.
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इसके तहत बच्चों को प्रत्येक वर्ष 20 हजार से 50 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जायेगी. न्यायाधीश ने कहा कि कोविड-19 भयावह त्रासदी थी, जिसमें कई बच्चों ने अपने माता-पिता या परिवार के अभिभावक को खो दिया. ऐसे बच्चों का हाथ थामने के लिए झालसा ने प्रोजेक्ट शिशु शुरू किया है.
उन्होंने कहा कि संविधान से मिले अधिकारों को जन-जन तक पहुंचाना इस कार्यक्रम का उद्देश्य है. जिला प्रशासन और बीसीसीएल के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है.
बच्चों की शिक्षा और नशे से बचाव पर जोर
न्यायाधीश ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करना आज की जरूरत है. जिला प्रशासन को इस दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिए. युवा देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें नशे की चपेट में आने से रोकना जरूरी है.
सड़क हादसे के पीड़ितों को करोड़ों का मुआवजा
डालसा के प्रयास से सड़क दुर्घटना और भूमि अधिग्रहण से जुड़े कई मामलों में पीड़ितों को करोड़ों रुपये का मुआवजा दिलाया गया.
सड़क दुर्घटना में डॉ. श्याम सुंदर शाह की मौत और उनकी पत्नी माया प्रसाद के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में जनरल इंश्योरेंस कंपनी से माया प्रसाद को 1 करोड़ 41 लाख 33 हजार 932 रुपये का मुआवजा दिलाया गया.

वहीं, स्कूटी से घर लौट रहीं शमीमा बानो की ट्रक की चपेट में आने से मौत के बाद उनके पति इमरान अंसारी को टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी से 93 लाख 24 हजार 295 रुपये का मुआवजा दिलाया गया.
भूमि अधिग्रहण मामले में पप्पू पासवान को 2 करोड़ 9 लाख 42 हजार 211 रुपये और हिमांशु गौतम को 10 लाख 23 हजार 443 रुपये का भुगतान कराया गया.
इसके अलावा 84 लोगों को कुल 4 करोड़ 20 लाख रुपये तथा 122 लोगों को 1 करोड़ 83 लाख रुपये का भुगतान किया गया. दिव्यांग पूनम कुमारी और रितिक राज को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराये गये, जबकि 19 प्रभावितों को 8 लाख 32 हजार 848 रुपये की सहायता दी गयी.
विभिन्न संस्थानों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में जेएसपीएलएस, राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर धनबाद, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गोविंदपुर, डीएवी स्कूल कुसुंडा और अशर्फी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल एजुकेशन धनबाद को सम्मानित किया गया.
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झालसा के डिप्टी सेक्रेटरी अभिषेक कुमार ने स्वागत भाषण दिया, जबकि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
कार्यक्रम में उपायुक्त आदित्य रंजन, बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, ऑपरेशन टेक्निकल डायरेक्टर संजय कुमार सिंह, एनएचएआई के चेयरमैन संतोष कुमार यादव, ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, डीएसपी रोहित कुमार, सिंफर के प्रो. डॉ. अरविंद कुमार मिश्रा, आइआइटी आइएसएम के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, एसएनएमएमसीएच के सुपरिटेंडेंट डॉ. दिनेश कुमार गिंदौरिया, सिविल सर्जन समेत न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे.
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