असंगठित श्रमिकों के निबंधन को लेकर विशेष अभियान, 31 मार्च 2027 तक 52 लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य

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यह फोटो एआई से बनाई गई है

झारखंड सरकार ने असंगठित श्रमिकों के लिए विशेष निबंधन अभियान शुरू किया है। 31 मार्च 2027 तक धनबाद में 3.44 लाख श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

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झारखंड सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए राज्यभर में विशेष निःशुल्क निबंधन अभियान शुरू किया है. श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008 के तहत यह अभियान शुरू किया है.

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राज्य में 31 मार्च 2027 तक करीब 52 लाख असंगठित श्रमिकों के निबंधन का लक्ष्य है. धनबाद जिले को 3,44,783 श्रमिकों के निबंधन का लक्ष्य मिला है यानी हर महीने 38,309 श्रमिकों का निबंधन होना है.

पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर

अभियान के तहत जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में विशेष निःशुल्क निबंधन शिविर लगाये जायेंगे. साथ ही व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर पात्र श्रमिकों को निबंधन के लिए प्रेरित किया जायेगा. सहायक श्रमायुक्त प्रवीण कुमार ने बताया कि सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों (लियो) को क्षेत्रवार लक्ष्य दिया गया है.

उन्हें नियमित शिविर आयोजित करने और पंचायत स्तर तक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने घरेलू, कृषि व निर्माण श्रमिकों, रिक्शा-ई-रिक्शा चालकों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, दुकानों-प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मियों और स्वरोजगार से जुड़े श्रमिकों से निकटतम शिविर अथवा श्रम विभाग कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ निबंधन कराने की अपील की है.

18 से 59 वर्ष के श्रमिक करा सकेंगे निबंधन

18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के स्वनियोजित अथवा असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक, जो भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में निबंधित नहीं हैं, निःशुल्क ऑनलाइन निबंधन करा सकते हैं. निबंधन के बाद पात्र श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ श्रमाधान पोर्टल के माध्यम से मिलेगा.

मृत्यु होने पर एक लाख तक की सहायता मिलेगी

निबंधित श्रमिक की सामान्य मृत्यु पर आश्रितों को 50 हजार और दुर्घटना में मृत्यु अथवा स्थायी पूर्ण दिव्यांगता पर एक लाख रु की सहायता मिलेगी. महिला श्रमिकों को प्रत्येक प्रसूति पर 15 हजार रु मातृत्व सहायता दी जायेगी.

अंत्येष्टि के लिए 15 से 25 हजार रु तक सहायता मिलेगी. इसके अलावा कौशल प्रशिक्षण, उपचार आजीविका सहायता, औजार के लिए पांच हजार, साइकिल के लिए सात हजार, सिलाई मशीन के लिए छह हजार और विवाह सहायता के रूप में 30 हजार रु मिलेंगे.


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