बीआइटी सिंदरी के हॉस्टलों के मेस में गंदगी और मिलावटी तेल, प्रतिबंधित रंगीन मसाला भी मिला; 30 हजार का जुर्माना

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बीआईटी सिंदरी

बीआइटी सिंदरी के हॉस्टलों के मेस में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर विद्यार्थियों की शिकायत के बाद फूड सेफ्टी विभाग ने आठ मेस का निरीक्षण किया. निरीक्षण में गंदगी, प्रतिबंधित मसाले और निम्न गुणवत्ता वाले तेल का इस्तेमाल पाया गया, जिस पर 30 हजार का जुर्माना लगाया गया. साथ ही चार मेस बिना लाइसेंस के संचालित होते पाए गए.

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बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआइटी) सिंदरी के छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर विद्यार्थियों की शिकायत के बाद मंगलवार को फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने आठ मेस का औचक निरीक्षण किया. विद्यार्थियों ने भोजन की गुणवत्ता और मेस में गंदगी को लेकर उपायुक्त आदित्य रंजन से शिकायत की थी. उपायुक्त के निर्देश पर फूड सेफ्टी विभाग की टीम बीआइटी सिंदरी पहुंची और छात्र-छात्राओं के आठ छात्रावासों में संचालित मेस की जांच की.

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निरीक्षण के दौरान कुछ मेस में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली. खाद्य सामग्री की जांच में एक मेस में प्रतिबंधित रंगीन खाद्य मसाले के इस्तेमाल और दूसरे मेस में निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले सरसों तेल के इस्तेमाल का मामला सामने आया. दोनों मामलों में संबंधित मेस संचालकों पर आर्थिक दंड लगाया गया है. विभाग ने तेल, मसाले समेत अन्य खाद्य सामग्री के नमूने भी लिये हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जायेगा.

चार मेस बिना लाइसेंस संचालित मिले

फूड सेफ्टी निरीक्षक राजा कुमार के नेतृत्व में चार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने मेस में भोजन तैयार करने की जगह, खाद्य सामग्री के रखरखाव और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया. राजा कुमार ने बताया कि बीआइटी सिंदरी परिसर में कुल 32 मेस संचालित हैं. मंगलवार को इनमें से आठ मेस की जांच की गयी.

जांच के दौरान चार मेस संचालकों के पास खाद्य लाइसेंस मिला, जबकि चार मेस बिना लाइसेंस संचालित होते पाये गये. विभाग ने बिना लाइसेंस चल रहे मेस संचालकों को छह दिनों के भीतर खाद्य लाइसेंस लेने का निर्देश दिया है. साथ ही संस्थान के निदेशक को पत्र जारी कर निर्धारित अवधि में सभी संबंधित मेस का लाइसेंस सुनिश्चित कराने को कहा गया है.

विभाग के अनुसार, तय समय में लाइसेंस नहीं लेने पर संबंधित मेस संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है. इसमें 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और अभियोजन की कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है.

प्रतिबंधित रंगीन मसाले पर 20 हजार का दंड

निरीक्षण के दौरान एक मेस में प्रतिबंधित रंगीन खाद्य मसाले के इस्तेमाल का मामला सामने आया. विभाग ने इसे खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित मेस संचालक पर 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया.

वहीं, दूसरे मेस में इस्तेमाल किया जा रहा सरसों तेल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा. तेल की गुणवत्ता को लेकर विभाग की जांच में आपत्ति सामने आने के बाद संबंधित मेस संचालक पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया.

खाद्य सामग्री के लिये गये नमूने

फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान सरसों तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिये. विभाग के अनुसार, इन नमूनों की जांच करायी जायेगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.

फूड सेफ्टी निरीक्षक राजा कुमार ने कहा कि उपायुक्त के निर्देश पर बीआइटी सिंदरी में निरीक्षण किया गया है. खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले मेस संचालकों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने मेस संचालकों को भोजन तैयार करने की जगह पर साफ-सफाई रखने तथा खाद्य सामग्री को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने का निर्देश दिया.

निदेशक के रांची में होने से नहीं मिल सकी विस्तृत जानकारी

मामले में बीआइटी सिंदरी के निदेशक से भी जानकारी लेने का प्रयास किया गया. निदेशक ने बताया कि वह फिलहाल रांची में हैं. बुधवार को वापस लौटने के बाद ही मामले में विस्तृत जानकारी दे सकेंगे. संस्थान की ओर से मेस की व्यवस्था और विभागीय जांच को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया इसके बाद ही सामने आ सकेगी.

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