उन्होंने बताया कि इस रैंक में आइपीएस मिल जायेगा लेकिन टॉप टेन में आने का सपना भी पूरा करना है. नर्सरी से लेकर पीजी तक हमेशा प्रथम श्रेणी में बेहतर प्राप्तांक पाने वाले हृदयकांत ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता का प्रोत्साहन तथा दोस्तों के सहयोग को दिया. उन्होंने बताया कि अपने सहपाठी यूपीएससी में 26 वां रैंक लाने वाले राहुल तथा 20 वां रैंक लाने वाले राकेश जैसे दोस्तों से स्पर्धा में सामना करने का बल मिला. इस परीक्षा की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को हृदयकांत का सुझाव है कि पढ़ाई को तपस्या समझ कर बढ़ें.
नियमित पढ़ाई, अनुशासित रहने के साथ-साथ लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मोबाइल तथा इसके जैसे अन्य सुविधा का बिल्कुल ही परित्याग करें. इससे कीमती समय की बरबादी होती है. उन्होंने बताया कि आइपीएस में उनकी पहली पसंद झारखंड तथा दूसरा बिहार होगी. ऐसा इसलिए कि इस क्षेत्र की समस्याओं को नजदीक से देखने का अवसर मिला है. उन्होंने बताया कि पिता द्वारा यहां मकान बनाने के बाद उनका परिवार 2006 से धनबाद में है. भूदा जीएन कॉलेज के पास रहने वाले हृदयकांत का पैतृक निवास सोनपुर (छपरा) है.