90% से कम रिजल्ट वाले स्कूलों पर शिक्षा विभाग सख्त, कमजोर छात्रों के लिए लगेंगी सुधार कक्षाएं

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समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय के सभागार में बैठक की अध्यक्षता करते डीइओ बिनोद कुमार, साथ में  प्रधानाध्यापकगण. | Prabhat Khabar Network

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जिले के 90% से कम परीक्षा परिणाम देने वाले स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग सख्त हो गया है. आगामी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए कमजोर छात्रों की पहचान कर उनके लिए नियमित सुधार कक्षाओं का आयोजन करने का निर्देश दिया गया है. छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति भी अनिवार्य की गई है.

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देवघर : जिले में 90 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यालयों में आगामी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए समीक्षा करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी बिनोद कुमार की ओर से निर्देश जारी किया गया है. इसमें कमजोर विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनके लिए नियमित सुधार कक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया है. सुधार कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की विषयवार कमजोरियों को दूर करते हुए उनकी तैयारी को बेहतर बनाने पर जोर दिया है, साथ ही कक्षाओं में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है. इसमें नियमित रूप से क्लास टेस्ट, प्रोजेक्ट रेल परीक्षा का बेहतर तरीके से आयोजन करना शामिल है, जिसमें विद्यार्थियों की तैयारी और सीखने के स्तर का आकलन हो सके. इन परीक्षाओं के जरिये विद्यार्थियों को आगामी परीक्षा के लिए तैयार करने के साथ उनकी कमियों को दूर करने पर भी जोर है.

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छात्रों की नियमित उपस्थिति से सुधार की संभावना

निर्देश में सभी विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को भी अनिवार्य बताया गया है. बैठक में अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी सौरभ कुमार, शिक्षा कर्मी अभिषेक मिश्रा सहित संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक शामिल थे.

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