बदलते समीकरण में सीट हासिल करने की पुराने चेहरों के बीच जोर-आजमाइश, जानें सारठ विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

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मिथिलेश सिन्हा कुल वोटर 268294 पुरुष वोटर 141076 महिला वोटर 127218 सारठ : बदलते समीकरण का सबसे मजेदार सीन इस बार सारठ सीट में देखने को मिलेगा. 2014 के चुनाव में झाविमाे के टिकट पर लड़नेवाले रणधीर सिंह इस बार भाजपा के टिकट पर तो भाजपा के खिलाड़ी रहे चुन्ना सिंह झाविमाे के टिकट पर […]

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मिथिलेश सिन्हा

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कुल वोटर

268294

पुरुष वोटर

141076

महिला वोटर

127218

सारठ : बदलते समीकरण का सबसे मजेदार सीन इस बार सारठ सीट में देखने को मिलेगा. 2014 के चुनाव में झाविमाे के टिकट पर लड़नेवाले रणधीर सिंह इस बार भाजपा के टिकट पर तो भाजपा के खिलाड़ी रहे चुन्ना सिंह झाविमाे के टिकट पर मैदान में हैं. यहां चार दशक से कभी कांग्रेस तो कभी झामुमो का कब्जा रहा. सारठ विधानसभा क्षेत्र में पिछड़े वर्ग का सर्वाधिक मतदाता रहने के बावजूद भी आज तक पिछड़े वर्ग से कोई भी विधायक नहीं बना. चार दशक पीछे देखें तो 1980 में पहली बार झामुमो से स्व अभयाचरण लाल विधायक बने थे, जिनकी जातीय संख्या लगभग 300 थी. 1985 में निर्दलीय उम्मीदवार उदय शंकर सिंह झामुमो प्रत्याशी को हरा कर विधायक बने.

दूसरी दफा वे कांग्रेस से 1990, तीसरी बार 1995 में सारठ सीट से जीत दर्ज की. इस दौरान झामुमो हमेशा दूसरे नंबर में रहा. शशांक शेखर भोक्ता 2000 में विधायक चुने गये. पार्टी बदलने में माहिर उदय शंकर सिंह 2005 में चौथी बार विधायक बने. 2009 के चुनाव में रणधीर सिंह भी चुनावी मैदान में कूदे और जोरदार उपस्थिति दर्ज करायी.

इस चुनाव में शशांक शेखर भोक्ता दोबारा विधायक बने और स्पीकर भी बने. चुनाव हारने के बाद रणधीर सिंह झाविमो में शामिल होकर लगातार क्षेत्र में लोगों के बीच रहने के कारण जनता ने इन्हें विजय बनाया. चुनाव जीतने के बाद झाविमो छोड़ भाजपा में शामिल हो गये. वे सारठ से पहले मंत्री बने. पिछले चुनाव में झामुमो उम्मीदवार शशांक शेखर भोक्ता यहां तीसरे स्थान पर रहे. इस बार झामुमो के नये प्रत्याशी परिमल कुमार सिंह के मैदान में रहने से यहां मुकाबला रोचक हो गया है.

तीन महत्वपूर्ण कार्य जो हुए

1. मिल्क प्लांट व कोल्ड स्टोरेज बने

2. आठ जलापूर्ति योजनाएं शुरू हुईं

3. मॉडल डिग्री कॉलेज और आइटीआइ खुले

तीन महत्वपूर्ण कार्य जो नहीं हुए

1. सारठ व पालाजोरी जलापूर्ति योजना

2. सारठ नहीं बन सका अनुमंडल

3. सारठ में मेडिकल कॉलेज नहीं खुला

150 से अधिक सड़कें बनीं

मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि लगभग 7500 करोड़ की लागत से 150 से अधिक ग्रामीण पक्की सड़क, पीडब्ल्यूडी की महत्वपूर्ण रोड से गांवों को जोड़ा गया. उद्यान प्रशिक्षण सेंटर, स्टेडियम, पैक्स गोदाम, छह हजार महिलाओं के बीच 90 प्रतिशत अनुदान पर गायें बांटी गयीं.

सिर्फ विकास का बोर्ड मिलता है

पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे चुन्ना सिंह ने कहा कि योजनाओं का बोर्ड मिलता है, पर काम का पता नहीं है. एक भी तालाब फाइनल नहीं है. सभी गाय का एक दाम फिक्स , क्या गाय कोई फैक्टरी में बनती है, गाय में दी जाने वाली अनुदान की राशि किसानों के खाते में नहीं गयी.

2005

जीते : उदय शंकर सिंह,राजद

प्राप्त मत : 66335

हारे : शशांक शेखर भोक्ता,झामुमो

प्राप्त मत : 51429

तीसरा स्थान : सतीश चंद्र राव,जदयू

प्राप्त मत : 4495

2009

जीते : शशांक शेखर भोक्ता, झामुमो

प्राप्त मत : 40282

हारे : उदय शंकर सिंह, कांग्रेस

प्राप्त मत : 30862

तीसरा स्थान : रणधीर कु सिंह, एलटीएसडी

प्राप्त मत : 21721

2014

जीते : रणधीर कुमार सिंह, झाविमो

प्राप्त मत : 62,717

हारी : उदय शंकर सिंह, भाजपा

प्राप्त मत : 48,816

तीसरा स्थान : शशांक शेखर भोक्ता, झामुमो

प्राप्त मत : 43013

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