कहीं गिर न जाए दीवार! जर्जर आंगनबाड़ी भवन में पढ़ रहे नौनिहाल, 10 साल से मरम्मत का इंतजार

Updated:
विज्ञापन

दस साल बाद भी अधूरा है आंगनबाड़ी केंद्र, जर्जर भवन में पढ़ रहे बच्चे एवं खड़े उनके अभिभावक

प्रतापपुर के सिदकी पंचायत में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की हालत बेहद चिंताजनक है. भवन की ईंटें टूटकर गिर रही हैं और बारिश में छत व किचन से पानी रिसता है, जिससे नन्हे बच्चों को भारी परेशानी हो रही है. 2016 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक अधूरा है, और 35 बच्चे जर्जर हॉल में जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं.

विज्ञापन

प्रतापपुर से बिहारी की रिपोर्ट

आपके शहर में

विज्ञापन

प्रतापपुर. प्रखंड के सिदकी पंचायत परहियाडीह भाग-2 आंगनबाड़ी केंद्र (कोड संख्या 114) की स्थिति काफी जर्जर हो गयी है. भवन की ईंटें जगह-जगह से टूटकर गिर रही हैं. बारिश के दिनों में छत से पानी का रिसाव होने के साथ-साथ किचन में भी पानी जमा हो जाता है. इससे आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले नन्हे बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

2016 में बना था भवन, अब तक नहीं हुआ पूरा

बताया गया कि उक्त आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण वर्ष 2016 में कराया गया था, लेकिन करीब दस वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है. भवन में अब तक प्लास्टर नहीं कराया गया है.

किचन में बारिश का पानी भरने से परेशानी

भवन के किचन वाले हिस्से में ढलाई नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में पानी भर जाता है. ऐसे में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में सेविका को काफी परेशानी होती है.

‘ईंटें टूटकर गिर रही हैं, भोजन में कीड़े-मकोड़े गिरने का डर’

सेविका सरिता देवी ने बताया कि केंद्र की स्थिति काफी खराब है. भवन की प्लास्टरिंग नहीं होने के कारण ईंटें टूटकर गिर रही हैं. किचन की ढलाई नहीं होने से बारिश में वहां पानी भर जाता है. उन्होंने बताया कि बिना प्लास्टर वाली दीवारों में घास-फूस उग आने के कारण भोजन में कीड़े-मकोड़े गिरने का भी डर बना रहता है.

जर्जर भवन में जमीन पर बैठकर पढ़ रहे बच्चे

जर्जर भवन के कारण केंद्र में उपलब्ध सामग्री भी खराब हो रही है. वहीं केंद्र में नामांकित 35 बच्चों को जमीन पर बैठाकर पढ़ाने की स्थिति बनी हुई है.

कई बार सूचना के बाद भी नहीं हुई मरम्मत

सेविका का कहना है कि भवन की स्थिति को लेकर कई बार संबंधित विभाग को जानकारी दी गयी, लेकिन अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. ग्रामीणों ने प्रखंड व जिला प्रशासन से जर्जर भवन की जल्द जांच कराकर मरम्मत कराने की मांग की है.


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola