Chaibasa News : एक किमी दूर कंधे पर ढोया, फिर खड़ी ट्रेन के नीचे से मरीज को एंबुलेंस तक पहुंचाया

Updated:
विज्ञापन

चंपुआ क्षेत्र के मुंडासाही गांव से एक किमी तक सड़क नहीं, पदाधिकारी बेसुध

विज्ञापन

जैंतगढ़.

चंपुआ क्षेत्र के मुंडासाही गांव में बीते दिन एक मरीज (पुरुष) के परिजन चंपुआ अनुमंडल अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस बुलाये, तो हमेशा की तरह सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस को गांव से एक किमी पहले रोक दिया गया. परिजन स्ट्रेचर लेकर मरीज को कंधे पर लाद कर एंबुलेंस तक जाने लगे, लेकिन रास्ते में रेल ट्रैक पर काफी देर से मालगाड़ी फंसी थी. मरीज की बिगड़ती हालत को देख व कोई चारा ना पाकर मरीज के परिजनों ने जान जोखिम में डाल कर मालगाड़ी के नीचे से स्ट्रेचर को सरकाते हुए ट्रैक पार किया. फिर परिजन भी एक- एक कर मालगाड़ी के नीचे से निकले. मरीज को कंधे पर लाद कर एंबुलेंस तक पहुंचाया. इसके बाद एंबुलेंस मरीज को लेकर चंपुआ अनुमंडल अस्पताल तक पहुंची.जहां उसका इलाज किया जा रहा है.

खनिज से परिपूर्ण क्षेत्र, पर गांव तक सड़क नहीं

हर साल सरकार अरबों रुपये सड़क और स्वास्थ्य के लिए खर्च करती है, लेकिन धरातल पर उसकी उपयोगिता हमेशा बड़ा प्रश्न चिह्न छोड़ती है. चंपुआ विस खनिज से परिपूर्ण क्षेत्र है, यहां गांव तक सड़क नहीं होने के कारण लोगों को पैदल सफर करना पड़ता है. इस गांव में यदि कोई बीमार पड़े जाये, तो लोग उसे खाट पर या स्ट्रेचर पर लेकर कंधे के सहारे में लादकर मुख्य सड़क तक पहुंचाते हैं. उसके बाद एंबुलेंस या अन्य वाहनों के माध्यम से मरीज को जोड़ा या चंपुआ अस्पताल पहुंचाया जाता है.

आपके शहर में

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola