दोष सिद्ध नहीं होने पर दो चिकित्सक बरी
Author Prabhat khabar news desk
Updated:
विज्ञापन
महिला मरीज की मौत का मामला
विज्ञापन
संवाददाता, बोकारो.
सेक्टर चार थाना कांड संख्या 27/2017 (जीआर 297/2017) की अंतिम सुनवाई गुरुवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बोकारो दिव्या मिश्रा ने की. मामले के नामजद आरोपी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अलका व सर्जन डॉ अरुण कुमार को दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी करने का फैसला सुनाया. दोनों आरोपी चिकित्सकों की ओर से अधिवक्ता सुबोध कुमार ने बहस की.सेक्टर 12 निवासी राजेश ने दर्ज करायी थी प्राथमिकी :
इस मामले में सेक्टर 12 निवासी राजेश कुमार ने सात मार्च 2017 को दोनों चिकित्सक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी. आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी निशा प्रिया का इलाज डॉ अलका छह माह से कर रही थीं. छह मार्च 2017 को प्रसव के लिए पत्नी को उनके सिटी सेंटर सेक्टर चार स्थित राज नर्सिंग होम में भर्ती कराया था. बच्चा स्वस्थ पैदा हुआ, लेकिन चिकित्सकीय लापरवाही से उनकी पत्नी निशा प्रिया की मौत हो गयी थी. चिकित्सकों ने लापरवाही छिपाने के लिए उनकी पत्नी को गंभीर स्थिति बताते हुए एंबुलेंस से चास के एक निजी अस्पताल में भेज दिया था. जहां चिकित्सकों ने उनकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया था.आपके शहर में
विज्ञापन
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन