चास CHC में डॉक्टरों की कमी, पांच लाख की आबादी पर सिर्फ चार डॉक्टर; मरीजों की बढ़ी परेशानी
चास बीडीओ डॉ प्रदीप कुमार की जांच करते डॉ अनिल कुमार
बोकारो के चास सीएचसी में 5 लाख की आबादी पर केवल 4 डॉक्टर तैनात हैं. डॉक्टरों की कमी से मरीजों को हो रही परेशानी, जल्द ऑपरेशन थियेटर शुरू होने की उम्मीद.
चास. पांच लाख की आबादी की स्वास्थ्य जरूरतों का जिम्मा संभाल रहे चास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में चिकित्सकों की कमी मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है. अस्पताल की ओपीडी में सालाना करीब 30 हजार मरीज पहुंचते हैं, लेकिन वर्तमान में यहां मात्र चार चिकित्सक कार्यरत हैं. आबादी के हिसाब से कम से कम 10 चिकित्सकों की जरूरत बतायी जा रही है.
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विडंबना यह है कि चास CHC के लिए सरकार की ओर से चिकित्सकों के सिर्फ तीन पद ही स्वीकृत हैं. चास CHC पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) था. उस समय यहां दो चिकित्सकों के पद स्वीकृत थे. अस्पताल के अपग्रेड होने के बाद महज एक चिकित्सक का पद बढ़ाया गया.
तीन चिकित्सकों की भूमिका अलग-अलग जिम्मेदारियों में
चास CHC में पदस्थापित चिकित्सकों में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ ओपीडी में भी मरीजों को देखते हैं.
डॉ मैथिली ठाकुर को सदर अस्पताल के ब्लड बैंक सेंटर में इंचार्ज के पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है. वहीं डॉ निलयकांत आयुष विभाग से जुड़े हैं. उन्हें आयुष के साथ-साथ एलोपैथ पद्धति से भी मरीजों का इलाज करना पड़ता है. हाल ही में पदस्थापित डॉ बेनजीर मिर्जा फिलहाल ओपीडी में मरीजों को सेवा दे रही हैं.
चिकित्सकों की कमी के बावजूद चास CHC संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के मामले में राज्य में प्रथम स्थान पर है. ऐसे में सीमित चिकित्सकीय संसाधनों के बीच अस्पताल पर काम का दबाव बना हुआ है.
सालाना करीब 670 संस्थागत प्रसव
चास CHC में साल भर में करीब 670 संस्थागत प्रसव होते हैं. अस्पताल में दो GNМ और दो ANM पदस्थापित हैं. हालांकि ऑपरेशन थियेटर की सुविधा नहीं होने के कारण गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए सदर अस्पताल रेफर करना पड़ता है.
अस्पताल में फिलहाल लैबोरेटरी जांच, NCD क्लिनिक के तहत BP और शुगर की जांच, रूटीन टीकाकरण, लेप्रोसी से संबंधित सेवाएं और सामान्य प्रसव की सुविधा उपलब्ध है.
जल्द तैयार होगा ऑपरेशन थियेटर
चास CHC के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिल कुमार ने कहा कि चिकित्सकों की कमी को लेकर विभाग को पत्राचार किया गया है. जल्द ही चिकित्सकों की पदस्थापना होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर भी जल्द तैयार हो जायेगा.
ऑपरेशन थियेटर शुरू होने के बाद गंभीर गर्भवती महिलाओं को रेफर करने की जरूरत कम होने की उम्मीद है. हालांकि इसके लिए पर्याप्त चिकित्सकों और अन्य आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता भी जरूरी होगी.
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