बोकारो की हृदयस्थली का नहीं हो पाया ”इलाज”
Author Prabhat khabar digital desk
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बोकारो : बोकारो स्टील शहर की हृदयस्थली सिटी सेंटर-04 को माना जाता है. इसमें एक ही जगह 1500 स्थायी व अस्थायी दुकानें हैं. जिला की अर्थव्यवस्था में सेंटर का अहम योगदान है, क्योंकि सेंटर में विभिन्न बैंक की 26 शाखा मौजूद है. हर दिन करोड़ों का ट्रांजेक्शन सिटी सेंटर से होता है. जिला के सभी […]
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बोकारो : बोकारो स्टील शहर की हृदयस्थली सिटी सेंटर-04 को माना जाता है. इसमें एक ही जगह 1500 स्थायी व अस्थायी दुकानें हैं. जिला की अर्थव्यवस्था में सेंटर का अहम योगदान है, क्योंकि सेंटर में विभिन्न बैंक की 26 शाखा मौजूद है. हर दिन करोड़ों का ट्रांजेक्शन सिटी सेंटर से होता है. जिला के सभी हिस्सों से लोग यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं.
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भले ही सेंटर जिला का हृदय स्थल है. दूर-दूर से लोग यहां आते हैं. बावजूद इसकेसेंटर में सुविधा का घोर अभाव है. यहां तक कि सेंटर में सड़क की स्थिति भी बदत्तर है. किसी भी ब्लॉक की सड़क अच्छी स्थिति में नहीं है. न ही वाहन खड़ा करने के लिए अच्छी पार्किंग की व्यवस्था है. सेंटर की स्थिति ऐसी है कि मानो जिला के हृदय में ही रोग लग गया हो.
ऐसा नहीं है कि समस्या समाधान के लिए कोई आश्वासन नहीं मिला है. पार्किंग, सड़क की स्थिति सुधार व स्ट्रीट लाइट के लिए विभिन्न स्तर पर आश्वासन मिला है. दो हाइ मास्ट लाइट भी इस दौरान लगाया गया है. पार्किंग के लिए सर्वे काम हुआ. लेकिन, यह नाकाफी साबित हुआ. वर्तमान में भी तमाम समस्या जस की तस बनी हुई हैं.
9000 से अधिक वोटर्स, फिर भी ध्यान नहीं : सेंटर में 1500 से अधिक दुकान है. मतलब, 1500 दुकान के स्वामी व हर दुकान में औसतन दो स्टाफ हैं. यानी 4500 से अधिक परिवार सेंटर से संबंधित हैं. हर परिवार में औसतन 02 वोटर्स होने की स्थिति में 9000 से अधिक मतदाता सेंटर से संबंधित हैं. बावजूद इसके इनकी समस्याओं पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है. किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधि इस मामले में वादा करने तक से बचता है.
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