जीव भाव बंधन का कारण : आचार्य

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बोकारो/चास : प्रभात कॉलोनी में आनंद मार्ग जागृति संघ की ओर से शुक्रवार से आनंद मार्ग प्रचारक संघ का तीन दिवसीय प्रथम संभागीय सेमिनार शुरू हुआ. उद्घाटन श्रीश्री आनंदमूर्ति की चित्र पर माल्यार्पण से शुरू हुआ. केंद्रीय प्रशिक्षक आचार्य रविप्रकाशानंद अवधूत ने कहा : जीव-भाव बंधन का कारण है. वृहत का भाव या ब्रह्मभाव ही […]

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बोकारो/चास : प्रभात कॉलोनी में आनंद मार्ग जागृति संघ की ओर से शुक्रवार से आनंद मार्ग प्रचारक संघ का तीन दिवसीय प्रथम संभागीय सेमिनार शुरू हुआ. उद्घाटन श्रीश्री आनंदमूर्ति की चित्र पर माल्यार्पण से शुरू हुआ. केंद्रीय प्रशिक्षक आचार्य रविप्रकाशानंद अवधूत ने कहा : जीव-भाव बंधन का कारण है. वृहत का भाव या ब्रह्मभाव ही पाप से उबारने का कारण बनता है.

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सत्यलोक में ही ब्रह्म अविकृत हैं. सत्यलोक को छोड़कर बाकी छह लोक माया द्वारा प्रभावित है. परमात्मा स्वरूप की प्रतिबिंबित विकास ही जीवात्मा है. जीवात्मा का अणु मन पंचकोषात्मक है. पंचकोषों को शुद्ध व तैयार करने के लिए निरंतर साधना करना होगा. साथ ही भूमा मन के सत्यलोक में स्थापित होना होगा. मनुष्य भाग्यवान है.

मनुष्य को जागने का समय आ गया है. मनुष्य अपने पौरुष को जगाये. सुबह बाबा नाम केवलम अष्टाक्षरी सिद्ध महामंत्र का अखंड कीर्तन हुआ. इसमें शामिल होकर साधकों ने आध्यात्मिक लाभ उठाया. कार्यक्रम में विभिन्न जगहों के आनंदमार्गी साधक शामिल हुए.

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