पुलिस की जांच: मनोज पांडेय पर लगे आरोप सही पाये गये, बिल्डर ने की धोखाधड़ी गिरफ्तार करने का आदेश

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची: खेलगांव ओपी में बिल्डर मनोज पांडेय पर दर्ज दो केस की आरंभिक जांच में पुलिस ने धोखाधड़ी का आरोप सही पाया है. जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाये जाने पर सदर डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव ने मनोज पांडेय की गिरफ्तारी का आदेश केस के अनुसंधानक को दिया है. दोनों केस के अनुसंधानक अनिल कुमार मिश्रा हैं. बिल्डर की गिरफ्तारी नहीं होने पर केस में आगे की कार्रवाई की जायेगी.

खेलगांव ओपी में मनोज पांडेय पर पहला केस 22 जून को दर्ज हुआ था. केस रमा देवी की शिकायत पर दर्ज हुआ था. इस केस की जांच में पुलिस ने पाया कि मनोज पांडेय ने खेलगांव ओपी क्षेत्र होटवार में अर्पाटमेंट निर्माण के लिए रमा देवी के साथ एग्रीमेंट किया था, लेकिन उन्होंने समय पर निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया है.

एकरारनामे के अनुसार फ्लैट की रजिस्ट्री करने का अधिकार रमा देवी को था. इसके बाद ही किसी फ्लैट लेनेवाले को पोजिशन लेटर दिया जाना था. हालांकि बिल्डर ने ऐसा नहीं कर पहले ही पोजिशन लेटर दे दिया. बिल्डर मनोज पांडेय सहित अन्य के खिलाफ दूसरा केस पंचदेव पांडेय, शंकर प्रसाद सिंह, डॉ आशिष कुमार चक्रवर्ती, डॉ सविता वर्मा, रेणु वर्मा, गौतम घोष, रश्मी देवी और डॉ तनुश्री चक्रवर्ती ने खेलगांव ओपी में दर्ज कराया था. केस 25 जून को दर्ज हुआ था.

इस केस में बिल्डर पर आरोप था कि उन्होंने पैसा लेने के बावजूद फ्लैट का एग्रीमेंट नहीं कराया. उन्होंने पोजिशन लेटर देकर फ्लैट पर कब्जा नहीं दिलवाया. इस आरोप को भी पुलिस ने जांच में सही पाया है. प्राथमिकी में शामिल अन्य लोगों पर लगाये गये आरोप की पुष्टि प्रारंभिक जांच में नहीं हुई है. बिल्डर मनोज पांडेय पर एक अन्य केस एक जुलाई को खेलगांव ओपी में दर्ज हुआ था. इस केस की अभी जांच जारी है.

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