उदासीनता . प्रखंड की स्थापना के दो दशक बाद भी नहीं बनी सड़क

Updated at : 21 Jul 2016 4:18 AM (IST)
विज्ञापन
उदासीनता . प्रखंड की स्थापना के दो दशक बाद भी नहीं बनी सड़क

भगवानपुर : प्रखंड की स्थापना के दो दशक बाद भी पूरा नहीं हो सका पहुंच पथ का कार्य. मुख्य सड़क से प्रखंड कार्यालय जानेवाली इस सड़क की दुर्दशा को देख कर इससे गुजरनेवाले लोग भगवान का नाम लेते हैं. बरसात के दिनों में साइकिल-मोटरसाइकिल से जानेवाले लोग यदि सही सलामत सड़क पार कर जाते हैं, […]

विज्ञापन

भगवानपुर : प्रखंड की स्थापना के दो दशक बाद भी पूरा नहीं हो सका पहुंच पथ का कार्य. मुख्य सड़क से प्रखंड कार्यालय जानेवाली इस सड़क की दुर्दशा को देख कर इससे गुजरनेवाले लोग भगवान का नाम लेते हैं. बरसात के दिनों में साइकिल-मोटरसाइकिल से जानेवाले लोग यदि सही सलामत सड़क पार कर जाते हैं, तो इसे भगवान की कृपा मानते हैं.

प्रखंड की प्रथम योजना थी यह सड़क : ऐसा नहीं है कि लोगों को इस सड़क की चिंता नहीं है. प्रखंड की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी और उसी समय प्रखंड की प्रथम योजना भगवानपुर स्टेशन से प्रखंड मुख्यालय जाने वाली सड़क में मिट्टी भराई एवं ईंट सोलिंग का कार्य का अभिलेख खोला गया. अभिलेख खोलने के साथ ही अभिकर्ता के रूप में पूर्व जिला पार्षद केदार प्रसाद यादव को अग्रिम राशि दी गयी थी.
राशि रख अभिकर्ता ने नहीं की काम : वर्षों बीत जाने के बाद उस सड़क पर किसी प्रकार का कोई काम नहीं कराया गया, तो इसकी शिकायत बीडीओ से की गयी. तत्कालीन बीडीओ ने जब इस योजना की जानकारी प्राप्त की, तो पता चला कि इस योजना का पूरा पैसा अभिकर्ता द्वारा उठा लिया गया है तथा बगैर काम किये ही इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है. तब बीडीओ द्वारा अभिकर्ता को नोटिस देकर एक माह का समय देते हुए ली गयी अग्रिम राशि वापस करने अन्यथा उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी गयी. प्राथमिकी के डर से अभिकर्ता द्वारा राशि लौटा दी गयी.
गड्ढे में गिर चोटिल हो रहे लोग : इस सड़क पर जगह-जगह एक से दो-दो फुट गड्ढे बन गये हैं और उनमें पानी भर गया है, जिससे लोगों को पता नहीं चल पाता है कि सड़क पर कहां व गड्ढा कहां है. ऐसे में कई लोग गिर कर घायल हो चुके हैं. सड़क की नारकीय स्थिति के कारण अब लोग यहां से गुजरना भी छोड़ दिया है. अब लोग तीन किलोमीटर घूम कर प्रखंड मुख्यालय जाते हैं. स्थानीय ग्रामीण और बाजार के व्यवसायी कई बार जिला पदाधिकारी से लेकर बीडीओ को आवेदन दे चुके हैं. लेकिन किसी ने इस मुख्य सड़क की मरम्मत के विषय में सोचना मुनासिब नहीं समझा. जबकि यह सड़क प्रखंड मुख्यालय ही नहीं दर्जनों गांवों को जोड़नेवाली सड़क है.
सही सलामत सड़क पार कर जाएं तो ऊपर वाले की क‍‍ृपा
दुबारा नहीं बनी योजना
बीडीओ के आदेश पर योजना के अभिकर्ता द्वारा राशि सरकारी खाते में जमा करा दी गयी. राशि वापस किये वर्षों बीत गये, लेकिन आज तक इस सड़क का निर्माण नहीं कराया गया. इसके बाद न तो पंचायत समिति और न संबंधित पंचायत को इस सड़क की चिंता रही. अब तक किसी ने इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण की योजना नहीं बनायी.
क्या कहते हैं अधिकारी
पंचायत समिति की बैठक में इस सड़क के निर्माण के लिए योजना बनाने का आदेश दिया गया है. पंचायत समिति से पारित होने के बाद शीघ्र ही सड़क बन जायेगी.
नरेंद्र प्रसाद, बीडीओ
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन