रतौली स्कूल में 100 बच्चों की स्वास्थ्य जांच, एनीमिया से बचाव के लिए दिया गया परामर्श
स्वास्थ्य जांच करते डॉ | Prabhat Khabar Network
बच्चों को एनीमिया से बचाने के लिए सुपौल के पिपरा प्रखंड में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने 100 बच्चों के हीमोग्लोबिन की जांच की और स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की.
कटैया-निर्मली (सुपौल). बच्चों को एनीमिया से बचाने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान के उद्देश्य से शुक्रवार को पिपरा प्रखंड के जयकुमार उच्च माध्यमिक विद्यालय, रतौली में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया. एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की पिपरा टीम ने विद्यालय के करीब 100 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की.
हीमोग्लोबिन जांच के साथ स्वास्थ्य समस्याओं की हुई स्क्रीनिंग
अभियान के दौरान बच्चों के हीमोग्लोबिन स्तर की जांच की गयी. इसके साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर बच्चों की स्क्रीनिंग की गयी. जांच के माध्यम से बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का प्रारंभिक आकलन किया गया, ताकि किसी समस्या की पहचान होने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाया जा सके.
जरूरतमंद बच्चों को परामर्श और निःशुल्क दवा
स्वास्थ्य जांच के दौरान सामने आयी समस्याओं के आधार पर बच्चों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया. जरूरत के अनुसार बच्चों को निःशुल्क दवा भी उपलब्ध करायी गयी. आरबीएसके टीम ने बच्चों की स्क्रीनिंग कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की पहल की.
संतुलित आहार और आयरन युक्त भोजन लेने की सलाह
स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चों को एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी. बच्चों को आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन करने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए जागरूक किया गया. टीम ने बताया कि बच्चों में खून की कमी समेत अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान होने से उचित उपचार और बचाव संभव है. नियमित स्क्रीनिंग से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का शुरुआती स्तर पर ही पता लगाया जा सकता है.
आरबीएसके टीम ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
स्वास्थ्य जांच अभियान में डॉ. राजन कुमार भगत, डॉ. अंकित कुमार अमन, फार्मासिस्ट रंधीर कुमार, एएनएम मनीषा कुमारी एवं बिनोद कुमार शामिल रहे. टीम ने बच्चों की स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग कर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा.
बच्चों के स्वास्थ्य की प्रारंभिक स्थिति का मिला आकलन
विद्यालय में आयोजित स्वास्थ्य जांच अभियान से बच्चों के स्वास्थ्य की प्रारंभिक स्थिति की जानकारी मिली. साथ ही जरूरतमंद बच्चों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श और दवा उपलब्ध कराने में मदद मिली. स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों को एनीमिया समेत विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने के लिए ऐसे स्क्रीनिंग अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं.
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