सड़क पर फेंका इंसानी अंग और बिना डॉक्टर के तड़प रही थी MTP की मरीज! सुपौल के नर्सिंग होम में छापेमारी से मचा हड़कंप
फोटो- अस्पताल का जांच करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network
सुपौल के सिमराही नगर पंचायत स्थित एक नर्सिंग होम में बायो मेडिकल वेस्ट को गलत तरीके से फेंकने और बिना डॉक्टर के मरीजों के इलाज का गंभीर मामला सामने आया है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है.
सुपौल, राघोपुर. सिमराही नगर पंचायत क्षेत्र स्थित ओम सत्या नर्सिंग होम में बायो मेडिकल वेस्ट के कथित तौर पर गलत तरीके से निस्तारण का मामला सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की. नर्सिंग होम के डस्टबिन में प्लेसेंटा मिलने की सूचना के बाद अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर कई बिंदुओं पर जानकारी ली. जांच के दौरान अस्पताल के संचालन की वैधता, चिकित्सकों की मौजूदगी, मरीजों के उपचार और मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था की पड़ताल की गयी. जांच के दौरान अस्पताल संचालक भाग्य श्री सहित चिकित्सक अस्पताल में मौजूद नहीं थे. अधिकारियों ने अस्पताल में उपलब्ध दस्तावेजों और वहां संचालित चिकित्सा गतिविधियों से संबंधित जानकारी भी जुटायी.
बायो मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में डालने की शिकायत
प्रशासन को सूचना मिली थी कि नर्सिंग होम से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट का निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारण नहीं किया जा रहा है. आरोप था कि मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे के साथ डस्टबिन में डाला जा रहा है. इसी शिकायत के बाद नगर पंचायत और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नर्सिंग होम का निरीक्षण किया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सुपौल के निर्देश पर वीरपुर एसडीएम विनय कुमार भी नर्सिंग होम पहुंचे. उन्होंने रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को नर्सिंग होम की वैधता और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
प्रशासनिक टीम ने नर्सिंग होम में की जांच
नगर पंचायत सिमराही की कार्यपालक पदाधिकारी वीणा वैशाली ने बताया कि सफाई कर्मी से बायो मेडिकल वेस्ट डस्टबिन में डाले जाने की जानकारी मिलने के बाद वरीय अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया. निर्देश मिलने के बाद चिकित्सा पदाधिकारी और राघोपुर थाना पुलिस की टीम के साथ नर्सिंग होम में जांच की गयी.
उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
सड़क किनारे मिला प्लेसेंटा, जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण राम ने बताया कि सड़क किनारे प्लेसेंटा मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया. इसके बाद संबंधित नर्सिंग होम का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद के कुछ मरीज मिले. अधिकारी के अनुसार इनमें एक मरीज का एमटीपी यानी मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कराया गया था. जांच के समय नर्सिंग होम में ड्यूटी पर कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था.
अस्पताल की वैधता और पंजीकरण की होगी जांच
निरीक्षण के दौरान नर्सिंग होम के संचालन की वैधता को लेकर भी सवाल सामने आए हैं. एसडीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग को नर्सिंग होम के पंजीकरण और संचालन से संबंधित दस्तावेजों की जांच करने को कहा गया है.
अधिकारियों के अनुसार नर्सिंग होम के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. संचालन पर रोक लगाने के संबंध में भी विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है.
चिकित्सक की अनुपस्थिति और मरीजों के उपचार की भी होगी पड़ताल
निरीक्षण के दौरान चिकित्सक की अनुपस्थिति और एमटीपी के बाद मरीज के अस्पताल में मौजूद होने की जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग उपचार व्यवस्था की भी जांच कर रहा है. विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि मरीजों के इलाज और ऑपरेशन के दौरान निर्धारित चिकित्सकीय मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं.
मौके पर मौजूद मरीजों की देखभाल के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने का मुद्दा भी सामने आया है. इस पहलू की स्थिति भी संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच के बाद स्पष्ट होगी.

पहले भी प्लेसेंटा बाहर फेंकने की शिकायत का दावा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे प्लेसेंटा मिलने की घटना पहली बार नहीं है. लोगों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी नर्सिंग होम से प्लेसेंटा बाहर फेंके जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
मेडिकल वेस्ट निस्तारण से लेकर संचालन तक जांच का दायरा
फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच नर्सिंग होम की वैधता, चिकित्सकों की उपलब्धता, मरीजों के उपचार की व्यवस्था और बायो मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण समेत कई बिंदुओं पर केंद्रित है. एसडीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग और नगर पंचायत प्रशासन की ओर से संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. अधिकारियों के अनुसार जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नर्सिंग होम के संचालन पर रोक समेत नियमानुसार अन्य कार्रवाई की जा सकती है.
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