चारदीवारी के अभाव में चरागाह बना पिपरा सीएचसी परिसर, मवेशियों की आवाजाही से व्यवस्था प्रभावित

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चार दिवारी नहीं रहने से अस्पताल परिसर में मवेशी व बकरी चलते | Prabhat Khabar Network

पिपरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की चारदीवारी के अभाव में अव्यवस्था फैल गई है. मवेशी परिसर में चर रहे हैं और लोग रास्ते बना रहे हैं, जिससे अस्पताल के नियमित कामकाज पर असर पड़ रहा है. विभागीय कार्रवाई का इंतजार है.

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कटैया-निर्मली (सुपौल). पिपरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इन दिनों चारदीवारी के अभाव में अव्यवस्था का शिकार है. अस्पताल परिसर के चारों ओर सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण आसपास के लोग अपने मवेशियों और बकरियों को परिसर में चरने के लिए छोड़ देते हैं. इससे अस्पताल परिसर आए दिन मवेशियों का चरागाह बना रहता है. वहीं, चारदीवारी नहीं होने का फायदा उठाकर लोगों ने अस्पताल परिसर के बीच से आने-जाने के लिए कई रास्ते भी बना लिए हैं. इससे अस्पताल के नियमित कामकाज और परिसर की व्यवस्था पर असर पड़ रहा है.

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अस्पताल परिसर में बेरोकटोक हो रही आवाजाही

पीएचसी मैनेजर रतिश झा ने बताया कि चारदीवारी के अभाव में आसपास के दर्जनों मवेशी और बकरियां बेरोकटोक अस्पताल परिसर में पहुंचती रहती हैं. इसके अलावा लोग भी परिसर के चारों ओर से आने-जाने के लिए विभिन्न रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित हो रही है. उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर की जमीन पर आसपास के लोगों द्वारा अतिक्रमण किए जाने की स्थिति भी बनी हुई है.

चारदीवारी नहीं होने से अस्पताल की जमीन पर अतिक्रमण का खतरा

मैनेजर के अनुसार यदि अस्पताल के चारों ओर समय रहते चारदीवारी का निर्माण करा दिया गया होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती. चारदीवारी नहीं होने के कारण अस्पताल की जमीन की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है. परिसर में जगह-जगह से लोगों का आवागमन होने के कारण अस्पताल की भूमि के अतिक्रमण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है.

विभाग को दी जा चुकी है जानकारी, अब तक नहीं हुई कार्रवाई

पीएचसी मैनेजर ने बताया कि चारदीवारी निर्माण की आवश्यकता और अस्पताल परिसर में उत्पन्न हो रही समस्याओं की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं की गयी है. नतीजतन अस्पताल परिसर के बीचोंबीच रास्ता बन जाना और पूरे ग्राउंड में मवेशियों व बकरियों का चरना आम बात हो गयी है.

अस्पताल की सुरक्षा और व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

चारदीवारी के अभाव में अस्पताल परिसर में अनधिकृत आवाजाही लगातार बनी हुई है. मवेशियों के परिसर में प्रवेश करने और लोगों के लिए रास्ते के रूप में अस्पताल की जमीन का इस्तेमाल करने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल की जमीन की सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना भी चुनौती बन गया है.

जल्द चारदीवारी निर्माण की उठ रही मांग

स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मियों का कहना है कि अस्पताल की जमीन और परिसर की सुरक्षा के लिए चारों ओर जल्द से जल्द चारदीवारी का निर्माण कराया जाना जरूरी है. इससे अनधिकृत आवाजाही पर रोक लगेगी, अस्पताल की जमीन को अतिक्रमण से बचाया जा सकेगा और मरीजों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर एवं व्यवस्थित माहौल मिल सकेगा. अब देखना होगा कि संबंधित विभाग अस्पताल परिसर की इस समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाता है.

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