महिला चिकत्सिक व कर्मी नहीं रहने से मरीजों को परेशानी

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महिला चिकित्सक व कर्मी नहीं रहने से मरीजों को परेशानी फोटो- 6,7कैप्सन – पीएचसी मे निबंधन कराते मरीज व रेफरल में दी जाती है चिकित्सा सुविधा छातापुरभले ही स्वास्थ्य विभाग आम लोगों को सहज व सरल तरीके से स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का दावा करती हो. लेकिन पीएचसी छातापुर ने इस दावे की पोल खोल […]

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महिला चिकित्सक व कर्मी नहीं रहने से मरीजों को परेशानी फोटो- 6,7कैप्सन – पीएचसी मे निबंधन कराते मरीज व रेफरल में दी जाती है चिकित्सा सुविधा छातापुरभले ही स्वास्थ्य विभाग आम लोगों को सहज व सरल तरीके से स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का दावा करती हो. लेकिन पीएचसी छातापुर ने इस दावे की पोल खोल कर रख दी है. विभागीय लापरवाही के कारण जहॉ चिकित्सा कर्मियों का घोर अभाव है. वहीं पीएचसी प्रबंधन का मनमर्जी राज चलता है. स्वास्थ्य सेवा के लाभ के लिए प्रतिदिन पीएचसी पहूंचने वाले सैकड़ों मरीजों का निबंधन तो यहां हो रहा है. लेकिन उपचार पीएचसी के बजाय आधा किलोमीटर दूरी स्थित रेफरल भवन मे किया जाता है. इस रेफरल भवन मे मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है. अस्पताल में ना तो पेय जल की समुचित व्यवस्था है और ना ही शौचालय. रोशनी को लेकर बिजली भी मयस्सर नहीं है. ऐसे मे मरीजों के परेशानियों का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. इन डोर व आउट डोर की समयावधि के चक्कर में मरीज चक्कर काट परेशान हो जाते हैं. कई गंभीर मरीजों की जान सांसत में भी पर जाती है. चतुर्थ वर्गीय कर्मी करते हैं उपचार पीएचसी में चिकित्सा कर्मियों का धोर अभाव है. ड्रेसर के तीन पद सृजित रहने के बावजूद एक भी ड्रेसर पदस्थापित नही है. इतने ही सृजित पद कंपाउंडर के भी है लेकिन लंबे समय से इनका पदस्थापन नहीं किया गया है. नतीजा है कि अनुभवहीन चतुर्थवर्गीय कर्मियों के द्वारा शल्य चिकित्सा से लेकर अन्य महत्वपूर्ण कार्य करवाये जाते हैं. इतना ही नही एएनएम के सृजित 31 पदों के विरूद्ध मात्र नौ एएनएम कार्यरत है. जबकि पांच वीएचडब्लू की जगह मात्र एक ही पदस्थापित हंै. महिला डॉक्टर की नियुक्ति नहीं किये जाने के कारण हालात बदतर बना हुआ है. महिला डॉक्टर के अभाव मे सामान्य से लेकर गंभीर महिला मरीजों का उपचार भगवान भरोसे ही चल रहा है. जिस कारण पीएचसी द्वारा सिर्फ रेफर करने के अलावे और कोई विकल्प नहीं है. नतीजतन मरीजों के परिजन किसी निजी क्लिनिक के अलावा और कोई चारा दिखाई नहीं पड़ता. ऐसे में मरीजों को अधिक से अधिक राशि खर्च करने की विवशता है. कहते हैं स्वास्थ्य प्रबंधकइस बाबत पूछे जाने पर स्वास्थ्य प्रबंधक विवेक रंजन ने बताया कि पीएचसी में महिला चिकित्सक का पद सृजित नहीं है. कंपाउंडर व ड्रेसर के पदस्थापन की मांग पूर्व से ही की जाती रही है लेकिन अब तक विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है. उन्होंने आउटडोर रेफरल मे चलाने का सवाल पर कहा कि पीएचसी में जगह के अभाव रहने के कारण ऐसा निर्णय लिया गया है.

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