महादलित बस्तियों में बनेगा सामुदायिक भवन
सूबे के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री जनक राम ने अपने विभाग की समीक्षा के बाद शुक्रवार को परिसदन में पत्रकारों से कहा कि किसी भी पंचायत में सर्वाधिक 100 परिवार एवं 500 आबादी वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के गरीब लोगों के लिए सरकार सामुदायिक भवन सह वर्क शेड का निर्माण करेगी.
सीवान. सूबे के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री जनक राम ने अपने विभाग की समीक्षा के बाद शुक्रवार को परिसदन में पत्रकारों से कहा कि किसी भी पंचायत में सर्वाधिक 100 परिवार एवं 500 आबादी वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के गरीब लोगों के लिए सरकार सामुदायिक भवन सह वर्क शेड का निर्माण करेगी. उन्होंने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जो पंचायत इस योजना से अछूता हो प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजे. सरकार के पास राशि उपलब्ध है. मंत्री श्री राम ने बताया कि बैठक का उद्देश्य यह देखना था कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रहे योजना कमजोर वर्ग के बस्तियों अनुसूचित जाति एवं जनजाति टोले में पहुंची की नहीं. पहुंची तो मानक के अनुसार था या नहीं. अगर नहीं पहुंचा तो क्यों. उन्होंने बताया कि शहर के अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान छात्रावास में काफी अनियमिता मिलने पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गयी. उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा छात्रावास में रहने वाले बच्चों को निःशुल्क आवासीय सुविधा,बेड एवं पोशाक उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही सुबह के नाश्ता,दोपहर का भोजन,शाम को नाश्ता एवं रात्रि में भोजन के लिए 99 रुपए सरकार द्वारा दी जाती है. उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान हमने पाया कि शाम के नाश्ते में नूडल्स की जगह बालिकाओं को चाऊमीन दिया जा रहा था जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से काफी खतरनाक है. उन्होंने बताया कि 15 जुलाई तक सभी बालिकाओं को पोशाक उपलब्ध करा देना था लेकिन आठ अगस्त तक किसी भी छात्र को पोशाक नहीं उपलब्ध कराया गया था. अधिकारियों ने बताया कि 15 अगस्त के पहले पोशाक उपलब्ध करा दिया जाएगा. पोशाक की नापी भेजी गई है सिलाई का काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि साफ सफाई की भी व्यवस्था भी काफी चौपट दिखी. देखने से ऐसा नहीं लग रहा था कि प्रतिदिन सफाई होती है. उन्होंने बताया कि अधिकारियों को 15 दिनों के अंदर सभी व्यवस्था ठीक करने का निर्देश दिया गया. ऐसा नहीं होने पर कार्रवाई की जायेगी.
आपके शहर में
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए