बोगस तरीके से अपने रिटर्न को एग्रीकल्चर दिखा रहे व्यवसायी

सीतामढ़ी : आयकर विवरणी की जांच आयकर निरीक्षक द्वारा कराये जाने पर यह सामने आया है कि सैकड़ों व्यवसायी बोगस तरीके से अपने रिटर्न को एग्रीकल्चर इन्कम दिखा रहे हैं. ऐसा कर व्यवसायी अपने अन एकाउंटेड काला धन को आयकर विवरणी में गलत क्लेम करके सफेद बनाने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे सभी बोगस […]
सीतामढ़ी : आयकर विवरणी की जांच आयकर निरीक्षक द्वारा कराये जाने पर यह सामने आया है कि सैकड़ों व्यवसायी बोगस तरीके से अपने रिटर्न को एग्रीकल्चर इन्कम दिखा रहे हैं. ऐसा कर व्यवसायी अपने अन एकाउंटेड काला धन को आयकर विवरणी में गलत क्लेम करके सफेद बनाने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे सभी बोगस क्लेम की जांच की जा रही है तथा आयकर अधिनियम 1961 की धारा 147 के तहत उनके आयकर रिटर्न को दुबारा जांच के लिए चुना जा रहा है.
स्थानीय आयकर अधिकारी एसके वर्मा ने प्रधान आयकर आयुक्त के हवाले से बताया कि पुनर्मूल्यांकन की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. प्रधान आयकर आयुक्त, मुजफ्फरपुर ने राजस्व वृद्धि के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा जांच में पायी गयी 200 शेल कंपनियों से उत्तर बिहार के 11 जिलों के आयकर दाताओं, कंपनी, फर्म द्वारा ली गयी शेयर प्रीमियम, कैपिटल अनसेक्योर्ड लोन आदि की जांच की भी मंजूरी गत शुक्रवार को दे दी गयी है.
इसके तहत सभी सहायक आयकर आयुक्तों एवं सभी आयकर अधिकारियों को 11 जिलों में धारा 133(6) के तहत ऐसे आयकर दाताओं को नोटिस जारी करने का निर्देश जारी किया गया है. नोटबंदी के बाद पी-1, पी-2 व पी-3 के वैसे केसों, जिन्होंने अपना जवाब ऑनलाइन फाइल नहीं किया है तथा अब तक निर्धारित वर्ष 2017-18 का रिटर्न फाइल नहीं किया गया है, उन पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश भी जारी किया गया है.
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