शेखपुरा : सालों बाद कोरिहारी नदी में आया पानी, किसानों में खुशी; धान की फसल को मिलेगी सिंचाई की उम्मीद

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वर्षों बाद कोरिहारी नदी में तेज बहाव के साथ आया पानी

शेखपुरा जिले की कोरिहारी नदी में सालों बाद पानी आने से किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं. लगातार बारिश से नदी में तेज बहाव किसानों के लिए आशा की किरण है, जिससे धान की फसलों को सिंचाई मिलने की उम्मीद है.

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Korihari River Water Sheikhpura : शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड की एकमात्र कोरिहारी नदी में वर्षों बाद पानी आने से क्षेत्र के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. लगातार बारिश के बाद नदी में तेज बहाव देखने को मिल रहा है.

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इससे किसानों को उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश हुई तो क्षेत्र में लगी हजारों बीघा धान की फसल को पर्याप्त पानी मिल सकेगा और फसल को सूखे की स्थिति से राहत मिलेगी.

हालांकि इससे टाल क्षेत्र में बढ़ रहे जलस्तर का दबाव बनना तय माना जा रहा है. वहीं दूसरी ओर बारिश के कारण क्षेत्र के भू-जल स्तर में भी धीरे-धीरे सुधार होने लगा है. अरियरी प्रखंड के करीब 50 गांवों में पिछले कुछ समय से पेयजल संकट की स्थिति बनी हुई थी, जहां ग्रामीणों को पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी.

मीरजैन नहर में पानी कम, बरबीघा के किसानों को सुखाड़ की आशंका

जिले के बरबीघा प्रखंड और उसके आसपास के क्षेत्रों के हजारों किसानों के लिए जीवनदायिनी मीरजैन नहर में पानी का प्रवाह कम होने के कारण सुखाड़ की आशंका सताने लगी है. बरबीघा पानी नहीं पहुंचने से हजारों हेक्टेयर में लगी धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है.

किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की दिशा में अब तक स्थानीय विधायक और सांसद के द्वारा भी कोई ठोस पहल होता नहीं दिख रहा है, जिस वजह से किसानों में जनप्रतिनिधियों को लेकर भी काफी नाराजगी देखी जा रही है.

नहर पक्कीकरण में तकनीकी खामी और फॉल निर्माण से रुका पानी

गुरुवार को माउर गांव निवासी किसान राजीव सिंह, रामपुर सिंडाय गांव निवासी किसान अजय सिंह, खोजागाछी गांव निवासी किसान तथा पूर्व मुखिया चुनचुन सिंह आदि के द्वारा बरबीघा से लेकर बाजितपुर तक नहरों की स्थिति का जायजा लिया गया. किसान अजय सिंह ने बताया कि नवादा जिला के पौरा से लेकर बाजितपुर तक आने वाली नहर में पानी की कोई कमी नहीं है, लेकिन बाजितपुर से बरबीघा की तरफ आने वाली मीरजैन नहर में पानी का प्रवाह कम होने की वजह से बरबीघा तक पानी पहुंचना इस बार संभव नहीं दिख रहा है.

इसका मुख्य कारण बाजितपुर से बरबीघा तक होने वाला नहरों का पक्कीकरण है. पक्कीकरण के दौरान सूलिस गेट की जगह फॉल दे दिया गया है, जिसकी चौड़ाई कम होने और नीचे से 4 से 5 फीट दीवार देने की वजह से पानी पनहेशा गांव के आसपास रुक गया है.

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किसान राजीव सिंह ने बताया कि सूलिस गेट की जगह गलत तरीके से फॉल का निर्माण होने की वजह से बरबीघा के किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. वहीं पूर्व मुखिया चुनचुन सिंह ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसान आंदोलन करेंगे.

डीएम शेखर आनंद ने संभावित बाढ़-सुखाड़ की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की

समाहरणालय के मंथन सभागार में डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई. डीएम ने सभी विभागों को अलर्ट रहने और आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया.

बाढ़ की स्थिति में राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, खाद्यान्न पैकेट, पॉलीथिन शीट और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाएं, डॉक्टरों की उपलब्धता और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्देश दिया गया.

नावों की उपलब्धता और हेल्पलाइन नंबर जारी

पशुओं के लिए चारा, दवाएं और चिकित्सा शिविर तथा नावों के सुचारू संचालन की व्यवस्था करने को कहा गया है. जिले में 15 निजी नाव, 22 गोताखोर, 19 लाइफ जैकेट और 6510 पॉलीथिन शीट उपलब्ध हैं.

घाटकुसुम्भा एवं शेखपुरा अंचल में 10 राहत केंद्र चिन्हित किए गए हैं तथा आपातकालीन नियंत्रण कक्ष का नंबर 06341-225171 जारी किया गया है.

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